ओडिशा

मोंथा चक्रवात से भारी नुकसान, पर समय पर सतर्कता से बची जानें

SHIDDHANT
30 Oct 2025 11:21 PM IST
मोंथा चक्रवात से भारी नुकसान, पर समय पर सतर्कता से बची जानें
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Odisha ओडिशा: चक्रवात ‘मोंथा’ के बाद ओडिशा के गजपति जिले में राहत और पुनर्वास कार्य तेज़ी से जारी हैं। राज्य के मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते इस भीषण चक्रवात में किसी की जान नहीं गई। उन्होंने बताया कि 20,000 से अधिक लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मंत्री हरिचंदन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “तेज बारिश और ‘मोंथा’ चक्रवात के कारण कई क्षेत्रों में भूस्खलन हुआ, सड़कों और मकानों को नुकसान पहुंचा। लेकिन जिला प्रशासन ने स्थिति को संभालने में बेहतरीन काम किया। हर ब्लॉक में वरिष्ठ अधिकारियों को तैनात किया गया और तत्काल राहत कार्य शुरू कराए गए। इसी कारण कोई जनहानि नहीं हुई।”
उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ और इंजीनियरिंग विभाग ने चक्रवात के गुजरते ही बहाली कार्य शुरू कर दिया। सड़कों को दुरुस्त किया गया, बिजली और जलापूर्ति सेवाओं को बहाल किया गया। मंत्री ने कहा कि आपदा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की तत्परता से प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने में कोई देरी नहीं हुई। हरिचंदन ने आगे बताया कि सरकार ने फसलों की क्षति का सर्वे शुरू कर दिया है। “आज से कृषि विभाग ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। सबसे ज़्यादा नुकसान उदयगिरी क्षेत्र में हुआ है, जहां भूस्खलन के कारण खेतों और घरों को भारी क्षति पहुंची है,” उन्होंने कहा।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बार-बार हो रहे भूस्खलन अब जिले के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं। “हमें अब तकनीकी हस्तक्षेप की दिशा में सोचना होगा ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचा जा सके। हमें ऐसे क्षेत्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा, जहां भूस्खलन की संभावना अधिक है,” हरिचंदन ने कहा।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, चक्रवात मोंथा के दौरान गजपति, गंजाम और रायगड़ा जिलों में भारी वर्षा हुई थी। कई नदियों में जलस्तर बढ़ गया और कुछ गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी। हालांकि, पहले से की गई तैयारी और एनडीआरएफ की तैनाती के कारण बड़ी दुर्घटनाओं को टाल दिया गया। सरकार ने प्रभावित परिवारों को तुरंत सहायता राशि देने और क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए विशेष पैकेज तैयार करने का आश्वासन दिया है। वहीं, किसानों को राहत देने के लिए भी विशेष आर्थिक सहायता योजना लागू की जाएगी।
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