
भुवनेश्वर: ओडिशा में छात्रसंघ चुनावों से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने 60 महाविद्यालयों में 252 पदों पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। संगठन के अनुसार, नामांकन वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद इन पदों पर अभाविप के प्रत्याशियों के सामने कोई अन्य उम्मीदवार नहीं बचा। इनमें अध्यक्ष, महासचिव, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव सहित विभिन्न पद शामिल हैं।
अभाविप ने इस उपलब्धि को महाविद्यालयों में संगठन की सक्रियता और विद्यार्थियों के बीच उसके संपर्क का परिणाम बताया है। संगठन का दावा है कि कई परिसरों में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई और बीजू जनता दल के छात्र संगठन बीसीजेडी को भी उम्मीदवार नहीं मिले।
कई महाविद्यालयों में सभी प्रमुख पदों पर जीत
अभाविप के मुताबिक, बेरहामपुर विश्वविद्यालय में अध्यक्ष, नाट्य सचिव और सांस्कृतिक सचिव के पदों पर उसके प्रत्याशियों ने निर्विरोध जीत हासिल की। इसके अलावा तलचर ऑटोनॉमस कॉलेज, धर्मशाला डिग्री कॉलेज, महिमा डिग्री कॉलेज, चिकिटी डिग्री कॉलेज, पीपुल्स डिग्री कॉलेज और खजुरीकाटा डिग्री कॉलेज में सभी प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की गई।
विद्यार्थियों के बीच सक्रियता को बताया सफलता की वजह
अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री श्रवण बी. राज ने कहा कि संगठन विद्यार्थियों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए पूरे वर्ष परिसर में सक्रिय रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ छात्र संगठन विद्यार्थियों के हितों के बजाय राजनीतिक समीकरणों को प्राथमिकता देते हैं। उनके अनुसार, 60 महाविद्यालयों में 252 पदों पर निर्विरोध जीत संगठन के कामकाज और विद्यार्थियों के विश्वास को दर्शाती है।
अभाविप की ओडिशा पूर्व की प्रदेश मंत्री दीप्तिमयी प्रतिहारी ने भी इस सफलता का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत और विद्यार्थियों के साथ लगातार संपर्क को दिया। उन्होंने कहा कि संगठन छात्रहितों और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आगे भी सक्रिय रहेगा।
अभाविप ने आगामी छात्रसंघ चुनावों में भी बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जताया है। हालांकि, निर्विरोध जीत के आंकड़े संगठन की ओर से जारी किए गए हैं।





