
Odisha ओडिशा: जिले के समंतरा घाेन चाक क्षेत्र में सोमवार को एक दुखद घटना घटी, जिसमें एक 13 वर्षीय बच्चे की आग में जलकर मौत हो गई। घटना सोराडा पुलिस की सीमा के अंतर्गत हुई और मरने वाले बच्चे की पहचान बादल मुली के रूप में हुई। बादल गंगपुर गांव का रहने वाला था, जो बडागडा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में आता है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बादल गर्मी की छुट्टियों में अपने नाना-नानी के घर आया हुआ था। घटना वाले दिन वह चाक में स्थित स्थानीय किराने की दुकान पर मौजूद था। तभी अचानक दुकान में आग लग गई। आग फैलने के कुछ ही समय बाद, दुकान में रखा एक गैस सिलेंडर फट गया, जिससे आग और भी भयानक रूप ले गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि बादल बाहर निकलने में असमर्थ रहा। पड़ोसियों ने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और आसपास के लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी, लेकिन तब तक बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।
सोराडा पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के लिए कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि दुकान में रखे गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। दमकल अधिकारियों ने कहा कि हालांकि आग पर जल्द नियंत्रण पाने के प्रयास किए गए, लेकिन बच्चे को समय रहते बचाया नहीं जा सका।
बादल की मृत्यु से परिवार में कोहराम मच गया। नाना-नानी और माता-पिता ने बताया कि उनका परिवार अभी भी सदमे में है और बच्चे की अचानक मृत्यु से पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने मृतक के परिवार को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है।
पुलिस ने बताया कि इस घटना की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आग कैसे लगी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दुकान में सुरक्षा मानकों का पालन ठीक से नहीं किया गया था। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को कड़ा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इलाके में छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए दुकानों और बाजारों में अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। साथ ही, गैस सिलेंडर और अन्य ज्वलनशील सामग्रियों के उपयोग और रख-रखाव में कड़े नियम लागू करने की भी मांग की गई।
इस घटना ने गंजम जिले में आग और सुरक्षा मानकों के पालन की गंभीरता को उजागर किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचने के लिए नियमित निरीक्षण और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होना चाहिए।





