पत्रकार कल्याण योजना के तहत 13 परिवारों को मिली आर्थिक सहायता

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने दिवंगत कार्यरत पत्रकारों के परिवारों के लिए बड़ी पहल की है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने शनिवार को घोषणा की कि चालू वित्त वर्ष में ओडिशा वर्किंग जर्नलिस्ट वेलफेयर स्कीम के तहत 13 दिवंगत पत्रकारों के कानूनी उत्तराधिकारियों और परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की गई है।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ओडिशा के कार्यरत पत्रकारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग के माध्यम से दिवंगत पत्रकारों के निकटतम परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार ने बताया कि पत्रकार समाज में आम लोगों से जुड़े मुद्दों, घटनाओं और समस्याओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारों के योगदान को देखते हुए उनके सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं।
ओडिशा वर्किंग जर्नलिस्ट वेलफेयर स्कीम के तहत किसी कार्यरत पत्रकार की असमय मृत्यु होने पर उनके परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य इस सहायता के जरिए दिवंगत पत्रकारों के परिवारों पर आने वाले आर्थिक दबाव को कुछ हद तक कम करना है।
चालू वित्त वर्ष में जिन 13 पत्रकार परिवारों को सहायता दी गई है, उनमें अयासकांत स्वैन (कलिंग टीवी), अरुण कुमार मोहंती, आशुतोष कुमार पटनायक, बद्रीनारायण पांडा, आशुतोष मिश्रा समेत अन्य दिवंगत पत्रकारों के परिवार शामिल हैं।
राज्य सरकार ने कहा कि पत्रकार कई बार जोखिम उठाकर घटनाओं की जानकारी जुटाते हैं और समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लोगों तक पहुंचाते हैं। ऐसे में पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा व कल्याण सरकार की प्राथमिकता बनी रहेगी।
सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में भी वर्किंग पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए सहायता योजनाओं को जारी रखा जाएगा। यह योजना दिवंगत पत्रकारों के परिवारों के लिए आर्थिक सहारे के रूप में काम कर रही है।





