
Nagaland नागालैंड: नागालैंड के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग और नागाज़ बिज़नेस एसोसिएशन के सदस्यों के एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने मेघालय के डॉकी लैंड पोर्ट का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य व्यापारिक संपर्कों को मजबूत करना और पोर्ट की संचालन प्रणाली को समझकर नागालैंड में संभावित रूप से लागू किए जा सकने वाले मॉडल का अध्ययन करना था।
यह प्रतिनिधिमंडल उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक पी. तोकुघा सेमा के नेतृत्व में 4 मई को डॉकी पहुंचा। यहां टीम ने बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और व्यापार सुविधा प्रणाली का ऑन-साइट मूल्यांकन किया। इस दौरान विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दिया गया कि किन सर्वोत्तम प्रथाओं को नागालैंड में अपनाया जा सकता है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने लैंड पोर्ट के अधिकारियों के साथ एक इंटरैक्टिव बैठक भी की। इस बैठक में क्षेत्रीय प्रशासन, पोर्ट प्रशासन और अन्य संबंधित हितधारक शामिल रहे। चर्चा के दौरान मौजूदा व्यापार प्रक्रियाओं, नियामक ढांचे और आयात-निर्यात गतिविधियों को बढ़ाने के अवसरों पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि कैसे स्थानीय उद्यमियों, किसानों और छोटे व्यवसायों के लिए बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित की जा सकती है। प्रतिनिधिमंडल ने नागालैंड में इसी तरह का एक प्रभावी ढांचा विकसित करने की व्यवहार्यता का भी अध्ययन किया।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य उत्तर-पूर्वी राज्यों में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को अधिक सशक्त बनाना है, ताकि स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंच मिल सके और क्षेत्रीय विकास को गति दी जा सके।
इसी अध्ययन यात्रा को आगे बढ़ाते हुए प्रतिनिधिमंडल ने 5 मई को गुवाहाटी के अमिंगांव स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो का भी दौरा किया। इस दौरान टीम ने कंटेनर कार्गो हैंडलिंग, सीमा शुल्क प्रक्रिया और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन प्रणाली का गहन अध्ययन किया।
डिपो के दौरे से प्रतिनिधिमंडल को यह समझने में मदद मिली कि बड़े स्तर पर माल परिवहन और निर्यात-आयात प्रक्रियाओं को कैसे कुशल और पारदर्शी बनाया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि यह अनुभव नागालैंड में व्यापारिक ढांचे को आधुनिक बनाने में सहायक होगा।
इस पूरे दौरे को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे नागालैंड में व्यापारिक बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय व्यापारिक सहयोग को नई दिशा मिलने की संभावना है।





