मिज़ोरम

Mizoram के लॉन्गतलाई में ड्रग-फ्री अभियान शुरू, बॉर्डर इलाकों पर फोकस

Harrison
10 April 2026 7:24 PM IST
Mizoram के लॉन्गतलाई में ड्रग-फ्री अभियान शुरू, बॉर्डर इलाकों पर फोकस
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Mizoram मिजोरम: मिजोरम के Lawngtlai district में नशे के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन ने 10 अप्रैल को ‘ड्रग-फ्री’ अभियान की शुरुआत की है, जो अगले तीन वर्षों तक चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य म्यांमार सीमा से लगे इलाकों में नशे की समस्या पर नियंत्रण करना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाना है।
जानकारी के अनुसार, यह पहल केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत शुरू की गई है। प्रशासन का कहना है कि Lawngtlai district की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यहां नशे से संबंधित गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि यह जिला अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल और कॉलेज स्तर पर अभियान, सामुदायिक सहभागिता और पुनर्वास से जुड़े प्रयास शामिल किए गए हैं। स्थानीय समुदायों को भी इस पहल में सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है, ताकि अभियान का प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई दे सके।
Myanmar सीमा के पास स्थित होने के कारण इस क्षेत्र में नशे से संबंधित चुनौतियां अधिक रही हैं। प्रशासन का मानना है कि लगातार निगरानी और जागरूकता के जरिए इन समस्याओं को कम किया जा सकता है। इसके लिए पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
तीन साल के इस अभियान में नशे की लत से प्रभावित लोगों के लिए काउंसलिंग और पुनर्वास सुविधाओं को मजबूत करने की योजना भी शामिल है। इसके अलावा, युवाओं को खेल और अन्य सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि वे नशे से दूर रह सकें।
Lawngtlai district प्रशासन का कहना है कि अभियान को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और समय-समय पर इसकी प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए स्थानीय स्तर पर समितियां बनाई जा रही हैं, जो अभियान के क्रियान्वयन पर नजर रखेंगी।
इस पहल के तहत स्कूलों, गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, नशे के खिलाफ संदेश देने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा से जुड़े क्षेत्रों में इस तरह के अभियान बेहद जरूरी होते हैं, क्योंकि यहां नशे की आपूर्ति और खपत दोनों की चुनौती बनी रहती है। ऐसे में लगातार प्रयास और सख्त निगरानी से ही स्थिति में सुधार लाया जा सकता है।
Myanmar से लगती सीमा के कारण लॉन्गतलाई जिला लंबे समय से संवेदनशील माना जाता रहा है। इस अभियान के जरिए प्रशासन न केवल नशे के प्रसार को रोकना चाहता है, बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ाकर एक स्वस्थ वातावरण बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है।
फिलहाल, इस तीन वर्षीय ‘ड्रग-फ्री’ अभियान को मिजोरम में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और क्षेत्र में नशे की समस्या में कमी आएगी।
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