नोनी में फिर भड़की हिंसा, उग्रवादी गुटों की गोलीबारी में एक की मौत

नोनी में फिर भड़की हिंसा, उग्रवादी गुटों की गोलीबारी में एक की मौत
इंफाल/नोनी: मणिपुर के नोनी जिले में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। जिले के खुमजी क्षेत्र में दो प्रतिद्वंद्वी उग्रवादी गुटों के बीच हुई भीषण गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह घटना नोनी जिले के खुमजी इलाके के दूरदराज जंगल क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि दोनों गुटों के बीच लंबे समय से प्रभाव और क्षेत्रीय नियंत्रण को लेकर विवाद चल रहा था। इसी पुराने तनाव ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई।
दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच हुआ संघर्ष
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह संघर्ष जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) के दो गुटों ZUF-J और ZUF-K के बीच हुआ। दोनों गुटों के बीच संगठनात्मक वर्चस्व और इलाके में प्रभाव को लेकर मतभेद लंबे समय से बने हुए थे।स्थानीय लोगों ने बताया कि खुमजी के आसपास के जंगलों में काफी देर तक गोलियां चलने की आवाजें सुनाई देती रहीं। हालांकि संघर्ष आबादी वाले इलाकों से काफी दूर हुआ, जिसके कारण आम नागरिकों को बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। सुरक्षाबलों ने आसपास के क्षेत्रों में निगरानी शुरू कर दी है और किसी भी संभावित तनाव को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
जंगल और पहाड़ी क्षेत्र बना चुनौती
घटनास्थल बेहद दुर्गम इलाके में स्थित है। खुमजी क्षेत्र चारों ओर से जंगल और पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जिसके कारण सुरक्षा बलों को मौके तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद भी सुरक्षाबल तुरंत घटनास्थल तक नहीं पहुंच सके। खराब सड़क व्यवस्था और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण राहत और जांच अभियान में देरी हुई।अधिकारियों का कहना है कि इलाके की स्थिति का पूरी तरह आकलन करने के बाद ही हताहतों की वास्तविक संख्या और घटना से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।
सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर दोनों गुटों के बीच विवाद किस वजह से बढ़ा और गोलीबारी की शुरुआत किस ओर से हुई। जांच एजेंसियां मौके से मिले सबूतों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश या बाहरी समर्थन शामिल है।
मणिपुर में पहले भी सामने आती रही हैं ऐसी घटनाएं
मणिपुर में पिछले कुछ समय से सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। राज्य के कई हिस्सों में अलग-अलग गुटों के बीच संघर्ष की घटनाएं सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, उग्रवादी संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और क्षेत्रीय नियंत्रण की होड़ कई बार हिंसक घटनाओं का कारण बनती है। ऐसे मामलों में सुरक्षा बलों के लिए दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में कार्रवाई करना बड़ी चुनौती साबित होता है।
फिलहाल नोनी जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।





