मणिपुर

Manipur के कांगपोकपी में “सेपरेशन डे”, 12 घंटे बंद के बीच शहीदों को श्रद्धांजलि

Harrison
3 May 2026 8:34 PM IST
Manipur के कांगपोकपी में “सेपरेशन डे”, 12 घंटे बंद के बीच शहीदों को श्रद्धांजलि
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Manipur मणिपुर: मणिपुर के Kangpokpi ज़िले के सदर हिल्स इलाके में रविवार, 4 मई को हज़ारों लोगों ने 3 मई, 2023 को शुरू हुए संघर्ष की तीसरी बरसी पर “सेपरेशन डे” मनाया। इस दौरान क्षेत्र में 12 घंटे का बंद रखा गया, जिससे आम जनजीवन पर असर पड़ा।

बंद के चलते अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान, निजी दफ्तर और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। सड़कों पर भी यातायात सीमित रहा और केवल आपातकालीन सेवाओं को ही छूट दी गई। स्थानीय प्रशासन और आयोजकों ने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यवस्था बनाए रखी।
इस अवसर का मुख्य कार्यक्रम फैजांग स्थित शहीदों के कब्रिस्तान में आयोजित किया गया, जिसकी देखरेख Committee on Tribal Unity (CoTU) ने की। कार्यक्रम में कुकी-ज़ो समुदाय के हजारों लोग शामिल हुए। इसके अलावा कई सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधि और समुदाय के नेता भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने 2023 की हिंसा में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। प्रतिभागियों ने शहीदों की कब्रों पर फूल चढ़ाए और उनकी याद में एक मिनट का मौन रखा। इस मौके पर भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जहां लोग अपने प्रियजनों को याद करते नजर आए।
आयोजन में कुकी-ज़ो स्वयंसेवकों द्वारा एक सेरेमोनियल परेड भी की गई। इसके साथ ही पारंपरिक गन सैल्यूट देकर मृतकों को सम्मान दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय के बीच एकजुटता दिखाना और संघर्ष के दौरान हुए नुकसान को याद करना था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, “सेपरेशन डे” केवल एक स्मरण का दिन नहीं है, बल्कि यह उनके अनुभवों और भावनाओं को साझा करने का भी एक माध्यम है। कई वक्ताओं ने अपने संबोधन में शांति और स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया।
गौरतलब है कि 3 मई, 2023 को Manipur में जातीय हिंसा शुरू हुई थी, जिसके बाद लंबे समय तक कई क्षेत्रों में तनाव बना रहा। इस घटना में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और कई परिवार प्रभावित हुए। तब से हर साल इस दिन को कुछ समुदायों द्वारा अलग-अलग रूप में मनाया जाता है।
इस साल के आयोजन में सुरक्षा और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम का मकसद शांति बनाए रखते हुए अतीत की घटनाओं को याद करना है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर नजर रखी गई, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
फिलहाल, “सेपरेशन डे” के आयोजन ने एक बार फिर मणिपुर के हालात और समुदाय की भावनाओं को सामने लाया है। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और लोगों ने एकजुट होकर अपने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
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