मणिपुर

जंतर-मंतर पर मैतेई संगठनों का प्रदर्शन, Manipur हिंसा के तीन वर्ष पूरे होने पर समाधान की मांग

Harrison
3 May 2026 7:07 PM IST
जंतर-मंतर पर मैतेई संगठनों का प्रदर्शन,  Manipur  हिंसा के तीन वर्ष पूरे होने पर समाधान की मांग
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Manipur मणिपुर: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2 मई को मणिपुर, असम और त्रिपुरा से आए कई मैतेई छात्र, युवा और सिविल सोसाइटी संगठनों ने प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन मणिपुर में 3 मई 2023 को हुई हिंसा के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया।
यह प्रदर्शन “3 मई ऑर्गनाइज़िंग कमिटी” के बैनर तले किया गया। इसमें शामिल संगठनों ने केंद्र सरकार से मणिपुर संकट के शीघ्र समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से राज्य में शांति और सामान्य स्थिति पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई है, जिससे आम लोगों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कुकी मिलिटेंट समूहों को “सुरक्षा” और “संरक्षण” दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण क्षेत्र में तनाव और अस्थिरता बनी हुई है, जिससे शांति प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की कि मणिपुर में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी समुदायों के बीच विश्वास बहाली के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि मणिपुर में हुई हिंसा ने हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है और बड़ी संख्या में लोग अब भी राहत शिविरों में रह रहे हैं। उन्होंने सरकार से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।
विरोध कर रहे संगठनों ने यह भी कहा कि समस्या का समाधान केवल बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की हिंसा से दूर रहने की अपील की।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया और इसमें विभिन्न राज्यों से आए मैतेई समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन भी प्रस्तुत किया।
इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मणिपुर संकट को राष्ट्रीय स्तर पर फिर से ध्यान में लाना और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करना था, ताकि राज्य में स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
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