
Manipur मणिपुर: मणिपुर में सुरक्षा बलों ने पहाड़ी और अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े जिलों में अपने अभियान तेज कर दिए हैं। पिछले दो दिनों में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशनों के दौरान सुरक्षा बलों ने कई अवैध बंकरों को ध्वस्त किया है और बड़ी मात्रा में हथियार तथा विस्फोटक सामग्री बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, इन कार्रवाइयों का उद्देश्य क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण और शांति व्यवस्था को मजबूत करना है।
22 अप्रैल को एक संयुक्त टीम ने कांगपोकपी जिले के सैकुल पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत टिंगपिबुंग, लुंग्टर हिल और लेप्लेन इलाकों में छह अवैध बंकरों को नष्ट किया। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि इन बंकरों का उपयोग सशस्त्र समूहों द्वारा किया जा रहा था। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों ने 7.62 मिमी के 12 खाली कारतूस भी बरामद किए।
इसके अलावा, 21 अप्रैल को एक अन्य खुफिया आधारित अभियान के दौरान टेंग्नौपाल जिले के मोरेह पुलिस स्टेशन क्षेत्र में भारत-म्यांमार सीमा के पिलर संख्या 72 और 73 के बीच एक खुले इलाके से हथियारों और विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया गया। बरामद सामान में एक मैगजीन सहित AK-47 राइफल, एक मैगजीन के साथ कार्बाइन, चार इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IEDs) और दो मोटोरोला वायरलेस सेट शामिल थे। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत IEDs को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया।
यह संयुक्त अभियान केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस द्वारा मिलकर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान विशेष इनपुट के आधार पर मेटल डिटेक्टर और स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई, ताकि क्षेत्र में छिपे हुए विस्फोटक और हथियारों का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए राज्य के पहाड़ी और घाटी जिलों में कुल 112 चेकपॉइंट और नाके स्थापित किए गए हैं। इन नाकों पर सख्त निगरानी के चलते नौ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रूप से म्यांमार सीमा के पास लगातार सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य उग्रवादी गतिविधियों पर रोक लगाना और सीमा क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समाप्त करना है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। सुरक्षा बलों की सक्रियता के चलते सीमावर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अस्थिरता को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।





