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गुवाहाटी: पुलिस ने बताया कि मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में बुधवार को कम से कम 25 घरों में आग लगा दी गई। इससे एक दिन पहले इंफाल-तामेंगलोंग रोड पर हुई हिंसा में 10 घरों को जला दिया गया था और एक ग्रामीण घायल हो गया था।
आगजनी की यह ताज़ा घटना टिपोरम गांव से सामने आई है, जहां के निवासियों का दावा है कि इनमें से पांच घर नेपाली समुदाय के लोगों के थे।
यह घटनाक्रम सोमवार को तेइखांग कुकी गांव पर हुए हमले के बाद हुआ है, जिसमें दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार, हमले के बाद काफी देर तक गोलीबारी होती रही, जो दोपहर करीब 12:30 बजे तक चली।
मंगलवार को इस इलाके में कम से कम 10 घर जला दिए गए थे। पुलिस ने यह भी बताया कि हिंसा के दौरान एक एक्सकेवेटर, जिप्सी, पिकअप ट्रक और ट्रक को नुकसान पहुंचा।
घायल व्यक्ति की पहचान 49 वर्षीय एन. लुइथुइबोउ के तौर पर हुई है, जिनके पेट के दाहिने हिस्से और हाथ में गोली लगी थी। स्थानीय लोगों ने उन्हें चर्च के पादरी के तौर पर पहचाना।
हिंसा के बाद टिपोरम के निवासियों को पहले करीब 15 किलोमीटर दूर माकुई ले जाया गया था। बताया जाता है कि वे मंगलवार को गांव लौट आए थे, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि लौटने के बाद उन पर गोलीबारी की गई।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घरों में आग लगाए जाने की जानकारी सुरक्षा बलों को दी गई थी, लेकिन बुधवार तक उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और सुरक्षा बलों व अधिकारियों ने इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ये ताज़ा घटनाएं मणिपुर में मई 2023 से जारी जातीय संघर्ष के बीच कांगपोकपी में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को और बढ़ाती हैं। इस संघर्ष के कारण राज्य भर में लोगों की मौत हुई है, उन्हें विस्थापित होना पड़ा है और समुदायों के बीच दूरियां बढ़ी हैं।
हिंसा शुरू होने के बाद से ही मैतेई और कुकी-ज़ो समुदाय मुख्य रूप से अलग-अलग इलाकों में रह रहे हैं, जबकि अधिकारियों ने कई संवेदनशील जगहों की पहचान की है और प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी है।
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