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कपड़ों के बैग को लेकर दोस्त से विवाद युवक की पत्थर मारकर हत्या

मुंबई। गोरेगांव पश्चिम में कपड़ों के बैग और अन्य निजी सामान के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर दो दोस्तों के बीच हुआ विवाद हिंसक हो गया। आरोप है कि 37 वर्षीय व्यक्ति ने अपने 26 वर्षीय दोस्त के साथ मारपीट करने के बाद फुटपाथ पर पड़ा पत्थर उसके चेहरे पर मार दिया। गंभीर चोट और अत्यधिक खून बहने के कारण युवक की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गया।
गोरेगांव पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, मृतक की पहचान सूरज डोले (26) के रूप में हुई है। आरोपी का नाम बाबासाहेब उर्फ सुबोध वाघमारे (37) बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पशुओं की देखभाल से संबंधित काम करता है और गोरेगांव पश्चिम के पास फुटपाथ पर रहता है। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच दोस्ती थी।
यह घटना आठ सितंबर की रात करीब 11:30 बजे गोरेगांव पश्चिम स्थित एसवी रोड पर हुई। वारदात का स्थान किंग स्टूडियो के पास उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक के सामने बताया गया है। रात के समय दोनों सड़क किनारे मौजूद थे। इसी दौरान कपड़ों और निजी सामान को लेकर उनके बीच कहासुनी शुरू हो गई।
सूरज के पिता शंकर डोले की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में घटनाक्रम का विवरण दिया गया है। पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान दोनों को झगड़ते देखकर उनके परिचित सुधांशु पांडे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। सुधांशु ने दोनों से बहस की वजह पूछी तो आरोपी वाघमारे ने सूरज पर बिना अनुमति उसके कपड़े और अन्य सामान इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
आरोपी ने कथित रूप से बताया कि सूरज कई बार उसके कपड़े और निजी वस्तुएं बिना पूछे इस्तेमाल करता था। उसने कपड़ों से भरा एक बैग भी बिना अनुमति ले लिया था और उसे वापस नहीं कर रहा था। इसी बात को लेकर वाघमारे नाराज था। शुरुआत में दोनों के बीच मौखिक बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला मारपीट तक पहुंच गया।
एफआईआर के मुताबिक, बहस के दौरान सूरज ने कथित तौर पर वाघमारे को अपशब्द कहे। इससे नाराज होकर आरोपी ने उसके साथ हाथों से मारपीट शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोगों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, लेकिन विवाद लगातार बढ़ता गया। इसी दौरान आरोपी ने फुटपाथ पर पड़ा एक भारी पत्थर उठा लिया।
पुलिस का आरोप है कि वाघमारे ने पत्थर से सूरज के चेहरे पर जोरदार वार किया। पत्थर लगने से सूरज गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। उसके चेहरे से तेजी से खून बहने लगा। अचानक हुए हमले से मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। आरोपी कथित तौर पर घायल सूरज को वहीं छोड़कर घटनास्थल से भाग निकला।
घटना की सूचना मिलने के बाद गोरेगांव पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सूरज की जांच करने पर उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। घटनास्थल से पत्थर और अन्य संभावित साक्ष्य एकत्र किए गए। क्षेत्र की घेराबंदी कर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की गई।
पुलिस ने सूरज के पिता और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 115(2) और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें हत्या, चोट पहुंचाने और जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने के लिए उकसाने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक मनोज गडाले द्वारा की जा रही है।
वारदात के बाद फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। आरोपी के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और परिचितों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाके से बाहर जा सकता है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश की जा रही है।
घटनास्थल और एसवी रोड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। फुटेज के जरिए वारदात से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि आरोपी मौके से भागने के बाद किस दिशा में गया और उसने किसी वाहन का इस्तेमाल किया था या नहीं।
पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी और अंतिम लोकेशन का भी विश्लेषण कर रही है। फुटपाथ पर रहने और स्थायी पता स्पष्ट न होने के कारण उसे तलाशने में चुनौती आ सकती है। पशुओं की देखभाल के काम से जुड़े लोगों और स्थानीय दुकानदारों से आरोपी के बारे में पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों के बीच कपड़ों के बैग के अलावा किसी पुरानी बात को लेकर विवाद था या नहीं। पुलिस उनके आपसी संबंधों, पूर्व में हुए झगड़ों और घटना से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। प्रत्यक्षदर्शी सुधांशु पांडे का बयान मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सूरज की मौत के वास्तविक कारण, चोटों की संख्या और हमले की गंभीरता की पुष्टि होगी। पुलिस जब्त पत्थर को फोरेंसिक जांच के लिए भेज सकती है। उस पर मौजूद खून के नमूनों और अन्य साक्ष्यों का मिलान कराया जाएगा। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे घटना और इस्तेमाल किए गए हथियार को लेकर विस्तृत पूछताछ होगी।
मामूली सामान को लेकर शुरू हुए विवाद में एक युवक की मौत ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी विवाद की स्थिति में हिंसा का सहारा न लें और तुरंत पुलिस अथवा आसपास के जिम्मेदार लोगों की मदद लें। फिलहाल आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और अपराध न्यायालय में सिद्ध होना बाकी है।





