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Write a news report of 800 words. नीतीश कुमार से मिले CM सम्राट चौधरी
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पटना स्थित उनके सरकारी आवास 7 सर्कुलर रोड पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान राज्य के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य के बीच दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अपने एक महीने के वेतन का चेक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा।इस दौरान विधान पार्षद ललन सर्राफ ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलरी का योगदान दिया। उन्होंने भी मुख्यमंत्री को एक महीने के वेतन का चेक सौंपा। यह योगदान ऐसे समय में किया गया है जब बिहार में हाल की बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में विभिन्न राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों, संस्थानों और संगठनों की ओर से आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है।
7 सर्कुलर रोड पर हुई मुलाकात
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचे। दोनों नेताओं की मुलाकात को आधिकारिक तौर पर शिष्टाचार भेंट बताया गया है।इस दौरान नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने के वेतन का चेक दिया। विधान पार्षद ललन सर्राफ ने भी इसी तरह एक महीने की सैलरी राहत कोष के लिए दी।बिहार में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए पिछले कुछ दिनों से जनप्रतिनिधियों की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में वेतन देने का सिलसिला जारी है। जनता दल यूनाइटेड के विधानमंडल दल के सदस्यों की ओर से भी एक-एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए जाने की जानकारी बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी की गई है।
मुख्यमंत्री भी दे चुके हैं एक माह का वेतन
इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने का वेतन दिया था। बिहार मुख्यमंत्री सचिवालय के मुताबिक, उन्होंने 19 सितंबर को 2 लाख 70 हजार रुपये का चेक राहत कोष के लिए सौंपा था।मुख्यमंत्री ने उस समय राज्य के सक्षम और समृद्ध लोगों से भी राहत कोष में अधिक से अधिक योगदान देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद लोगों की सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है और समाज की सहभागिता से राहत एवं सहायता कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।बिहार में हाल की बाढ़ के बाद राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए राजनीतिक दलों तथा जनप्रतिनिधियों की ओर से भी आर्थिक योगदान दिया जा रहा है।
कई नेताओं ने दिया वेतन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अलावा राज्य सरकार के कई अन्य नेताओं ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अपनी सैलरी का योगदान दिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने भी अपने एक-एक महीने के वेतन का चेक मुख्यमंत्री को सौंपा था।बिहार भाजपा की ओर से भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 लाख रुपये दिए गए थे। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी तीन महीने की सैलरी के बराबर 6.35 लाख रुपये का योगदान दिया।जदयू की ओर से भी बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए पहल की गई है। पार्टी के विधानमंडल दल के सदस्यों ने एक-एक महीने का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए जुटाई जा रही मदद
बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के राहत और पुनर्वास के लिए सरकार के साथ राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी सहयोग जुटाया जा रहा है। विभिन्न संस्थाओं, बैंकों, उद्योग समूहों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहायता दी है।मुख्यमंत्री राहत कोष का इस्तेमाल प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता देने के लिए किया जाता है। बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार, इस कोष से बाढ़, चक्रवात और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के साथ बड़े हादसों के पीड़ितों को भी सहायता दी जाती है।कोष पूरी तरह स्वैच्छिक योगदान से संचालित होता है और व्यक्ति तथा संस्थाएं इसमें सहायता राशि दे सकते हैं।
राजनीतिक दलों ने भी बढ़ाए मदद के हाथ
बाढ़ की स्थिति के बाद बिहार में अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं ने अपने वेतन का हिस्सा राहत कोष में देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वयं योगदान करने के साथ राज्य के लोगों से भी राहत कार्यों में सहयोग की अपील की थी।मुख्यमंत्री सचिवालय के रिकॉर्ड के अनुसार, सितंबर के दौरान मुख्यमंत्री राहत कोष में कई संस्थाओं और संगठनों ने भी बड़ी रकम दी है। बिहार राज्य भंडार निगम ने दो करोड़ रुपये और बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड ने एक करोड़ रुपये का चेक राहत कोष के लिए सौंपा था।इसके अलावा बिहार ग्रामीण बैंक ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 51 लाख रुपये का योगदान दिया। इससे पहले बिहार प्रदेश भाजपा ने 51 लाख रुपये की सहायता राशि दी थी।
नीतीश और ललन सर्राफ ने दिया योगदान
अब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विधान पार्षद ललन सर्राफ भी अपने एक-एक महीने के वेतन का योगदान देकर इस अभियान से जुड़े हैं। जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, दोनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को अपने वेतन के चेक सौंपे।बिहार में मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों की ओर से लगातार मिल रहे योगदान को बाढ़ प्रभावित परिवारों के राहत और पुनर्वास प्रयासों से जोड़ा जा रहा है।गुरुवार को 7 सर्कुलर रोड पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की शिष्टाचार मुलाकात के दौरान राहत कोष में यह योगदान दिया गया। इसके साथ ही राज्य में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में जनप्रतिनिधियों के आर्थिक सहयोग का सिलसिला आगे बढ़ा है।
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