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महाराष्ट्र
लंदन से लौटकर पुणे में रह रही थी महिला, फ्लैट में मिली लाश
Rajeshwari Nishad
30 Oct 2026 7:12 PM IST

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पुणे। महाराष्ट्र के पुणे से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 34 वर्षीय महिला का शव एक बंद फ्लैट में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान मुग्धा देशमुख के रूप में हुई है, जो मूल रूप से छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली थीं। मुग्धा जुलाई 2025 में एमबीए की पढ़ाई करने के लिए लंदन गई थीं। परिवार को लगातार यही लग रहा था कि वह विदेश में रहकर पढ़ाई और नौकरी कर रही हैं, लेकिन पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मुग्धा अगस्त 2026 में ही भारत लौट आई थीं और पुणे के एक किराए के फ्लैट में रह रही थीं। उन्होंने अपने परिवार को वापस आने की जानकारी नहीं दी थी। जब कई दिनों तक उनका फोन नहीं लगा, तो परिवार ने तलाश शुरू की। बैंक खाते से हुई ऑनलाइन फूड डिलीवरी की पेमेंट ने पुलिस को उनके ठिकाने तक पहुंचा दिया। लेकिन जब पुलिस फ्लैट में दाखिल हुई, तो अंदर मुग्धा का शव मिला। मौत की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
लंदन में एमबीए करने गई थीं मुग्धा
पुलिस के अनुसार, मुग्धा देशमुख छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली थीं। उनके पिता अविनाश देशमुख नगर निगम में इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।मुग्धा जुलाई 2025 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए ब्रिटेन गई थीं। वहां उन्होंने एमबीए की पढ़ाई शुरू की थी।पढ़ाई के साथ वह पार्ट टाइम नौकरी भी करती थीं, जिससे अपने खर्च पूरे कर सकें।परिवार के सदस्यों के साथ उनकी नियमित बातचीत होती रहती थी। वह फोन कॉल और व्हाट्सएप के माध्यम से अपने माता-पिता के संपर्क में थीं।परिजनों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि मुग्धा अगस्त 2026 में ही भारत वापस लौट चुकी हैं।
23 अक्टूबर को मां से हुई थी आखिरी बातचीत
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, मुग्धा ने 23 अक्टूबर को अपनी मां से फोन पर बातचीत की थी।इस दौरान उन्होंने बताया था कि वह नौकरी के इंटरव्यू के लिए जा रही हैं और जल्दी में हैं।इस बातचीत से परिवार को किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ।लेकिन 24 अक्टूबर से मुग्धा से संपर्क नहीं हो पाया। परिजनों ने कई बार फोन किया, मगर कोई जवाब नहीं मिला।
बाद में उनका मोबाइल बंद मिलने लगा।
लगातार संपर्क नहीं होने से परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने लंदन में रहने वाली उनकी एक दोस्त से संपर्क किया।लंदन की दोस्त से मिला पहला सुरागमुग्धा की दोस्त निकिता ने परिवार को बताया कि उनकी आखिरी बातचीत 22 अक्टूबर को मैसेज के जरिए हुई थी।इसके बाद निकिता का भी मुग्धा से संपर्क नहीं हो पाया था।परिजनों की चिंता को देखते हुए निकिता ने लंदन पुलिस से संपर्क किया।जांच के दौरान पता चला कि मुग्धा अगस्त के आखिर में ही ब्रिटेन छोड़ चुकी थीं।
यह जानकारी मिलने पर परिवार हैरान रह गया।
उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि मुग्धा भारत लौटने के बाद भी उनसे यह बात क्यों छिपा रही थीं।परिवार ने भारतीय अधिकारियों और ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग से भी सहायता मांगी।फूड डिलीवरी के ट्रांजेक्शन से खुला राजमुग्धा के पिता अविनाश देशमुख ने बेटी की तलाश के दौरान उसके बैंक खाते से हुए लेनदेन की जानकारी जुटाई।इस दौरान सामने आया कि आठ अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच उनके खाते से भारत में कई ऑनलाइन भुगतान किए गए थे।इनमें स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट, बुक माय शो और अन्य डिजिटल सेवाओं से जुड़े भुगतान शामिल थे।
यह जानकारी परिवार के लिए सबसे महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई।
परिजनों को पहली बार ठोस संकेत मिला कि मुग्धा संभवतः भारत में मौजूद थीं।इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने ऑनलाइन ऑर्डर से संबंधित जानकारी की जांच शुरू की।जोमैटो के ऑर्डर रिकॉर्ड की मदद से पुलिस को पुणे के गहुंजे इलाके का एक पता मिला।
लोढ़ा बेलमोंडो सोसायटी में मिला शव
बैंकिंग और फूड डिलीवरी रिकॉर्ड से मिले सुराग के आधार पर पुलिस पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र की लोढ़ा बेलमोंडो सोसायटी पहुंची।यह सोसायटी गहुंजे इलाके में स्थित है।पुलिस टीम जब संबंधित फ्लैट तक पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला।इसके बाद स्थानीय पुलिस की सहायता से वैकल्पिक चाबी और ताला खोलने की व्यवस्था की गई।
दरवाजा खोलने पर अंदर मुग्धा देशमुख का शव मिला।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की।इस घटना से परिजनों को गहरा सदमा लगा, क्योंकि वे कुछ दिनों पहले तक यही मान रहे थे कि मुग्धा लंदन में सुरक्षित हैं।अप्रैल में किराए पर लिया था फ्लैटपुलिस जांच में एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।मुग्धा ने पुणे की लोढ़ा बेलमोंडो सोसायटी में संबंधित फ्लैट अप्रैल 2026 के आसपास ही किराए पर ले लिया था।
हालांकि, वह अगस्त में ब्रिटेन से लौटने के बाद यहां रहने लगी थीं।
इससे यह सवाल उठ रहा है कि उन्होंने विदेश में रहते हुए पहले ही फ्लैट किराए पर क्यों लिया था।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मुग्धा की भारत वापसी की योजना कब बनी थी और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।जांच अधिकारी किरण बोराडे के अनुसार, मुग्धा के पुणे में रहते हुए एमबीए के विद्यार्थियों को ऑनलाइन कुछ विषय पढ़ाने की जानकारी भी सामने आई है।हालांकि, इन तथ्यों का सत्यापन अभी जारी है।
शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले
मुग्धा की मौत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।शिरगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देवेंद्र चव्हाण के अनुसार, प्रारंभिक पोस्टमार्टम जांच में शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं।हालांकि, इससे मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है।
चिकित्सकीय जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।
विसरा रिपोर्ट और अन्य मेडिकल निष्कर्ष आने के बाद मौत के कारणों के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी।पुलिस ने फिलहाल मामले में आकस्मिक मृत्यु की रिपोर्ट दर्ज की है।अब तक पुलिस ने हत्या या किसी अन्य आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं की है।
परिवार ने दर्ज कराई थी अपहरण की शिकायत
मुग्धा का संपर्क टूटने और उनके अचानक गायब होने की जानकारी मिलने पर पिता अविनाश देशमुख ने छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।परिवार को बेटी की सुरक्षा की चिंता थी।इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर अपहरण का मामला दर्ज करके तलाश शुरू की।जांच के दौरान ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी सामने आने पर पुलिस का ध्यान पुणे की ओर गया।इसके बाद पुलिस टीम ने फूड डिलीवरी रिकॉर्ड के आधार पर मुग्धा का ठिकाना खोज निकाला।हालांकि, शव मिलने के बाद अब जांच का मुख्य विषय उनकी मौत की परिस्थितियां और भारत लौटने के पीछे की वजह है।
बिना बताए भारत क्यों लौटी थीं मुग्धा?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुग्धा ने अगस्त में भारत लौटने के बावजूद परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी।वह करीब दो महीने तक पुणे में अकेली रह रही थीं।इस दौरान उन्होंने परिवार से बातचीत जारी रखी, लेकिन अपने वास्तविक ठिकाने के बारे में नहीं बताया।पुलिस उनके संपर्कों, फोन रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।फिलहाल उनकी निजी परिस्थितियों या परिवार से जानकारी छिपाने के कारणों को लेकर कोई प्रमाणित निष्कर्ष सामने नहीं आया है।पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।मामले की जांच जारी है और किसी आपराधिक घटना की आशंका पर अंतिम निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।
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