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दही-हंडी कार्यक्रम के बाद बड़ा हादसा लोहे का ढांचा गिरने से महिला की मौत

पुणे। महाराष्ट्र के ओल्ड सांगवी इलाके में दही-हंडी उत्सव समाप्त होने के बाद शुक्रवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। कार्यक्रम के लिए तैयार किया गया लोहे का ढांचा हटाते समय उसका एक हिस्सा अचानक गिर गया और इसकी चपेट में आने से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान सलमा सलाउद्दीन पठान के रूप में हुई है। हादसे के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना विघ्नहर्ता मंडल की ओर से आयोजित दही-हंडी कार्यक्रम खत्म होने के बाद हुई। सांगवी पुलिस ने मामले में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट (ADR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ढांचा गिरने की वजह क्या थी और उसे हटाने के दौरान पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए थे या नहीं।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक ओल्ड सांगवी में विघ्नहर्ता मंडल की ओर से दही-हंडी कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के लिए आयोजन स्थल पर लोहे का अस्थायी ढांचा तैयार किया गया था।
उत्सव समाप्त होने के बाद इस ढांचे को हटाने का काम शुरू किया गया। इसी दौरान ढांचे का एक हिस्सा अचानक नीचे गिर गया।
दुर्भाग्य से सलमा सलाउद्दीन पठान इसकी चपेट में आ गईं। लोहे का हिस्सा उनके सिर पर गिरा, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी।
सिर पर लगी गंभीर चोट
लोहे के भारी ढांचे का हिस्सा सीधे सिर पर गिरने के कारण सलमा गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना होते ही मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। उनकी हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता देने का प्रयास किया गया।
हालांकि अस्पताल पहुंचने तक उनकी स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उत्सव की खुशियां मातम में बदलीं
दही-हंडी कार्यक्रम के दौरान इलाके में उत्सव का माहौल था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब आयोजन स्थल से अस्थायी व्यवस्थाओं को हटाया जा रहा था, तभी हुए हादसे ने माहौल को मातम में बदल दिया।
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और कार्यक्रम से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
जिस स्थान पर कुछ देर पहले उत्सव और लोगों की भीड़ थी, वहां हादसे के बाद पुलिस और अन्य लोगों की गतिविधियां शुरू हो गईं।
सांगवी पुलिस ने दर्ज की ADR
घटना की सूचना मिलने के बाद सांगवी पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने आकस्मिक मौत की रिपोर्ट यानी ADR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर हादसा उस समय हुआ जब कार्यक्रम के लिए लगाए गए लोहे के ढांचे को हटाया जा रहा था।
अब पुलिस घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर सकती है और यह पता लगाया जाएगा कि ढांचे को किसने लगाया था और उसे हटाने की जिम्मेदारी किसके पास थी।
कैसे गिरा ढांचा जांच का विषय
पुलिस जांच में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि लोहे के ढांचे का हिस्सा अचानक कैसे गिरा।
अस्थायी ढांचों को खड़ा करने और हटाने के दौरान तकनीकी सावधानियां जरूरी होती हैं। यदि ढांचा बड़ा और भारी हो तो उसे चरणबद्ध तरीके से खोलना आवश्यक होता है।
पुलिस यह भी जांच सकती है कि ढांचे को हटाने के दौरान आसपास लोगों की आवाजाही रोकी गई थी या नहीं और सुरक्षा के लिए पर्याप्त घेराबंदी की गई थी या नहीं।
सुरक्षा इंतजामों की होगी जांच
सार्वजनिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में मंच, बैरिकेड, लाइट और अन्य अस्थायी ढांचों को स्थापित करने से लेकर उन्हें हटाने तक सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता। भारी ढांचे खोलने के दौरान आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखना जरूरी होता है।
इस हादसे के बाद आयोजन स्थल पर अपनाए गए सुरक्षा उपाय भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
लापरवाही सामने आई तो बढ़ सकती है कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की है। जांच के दौरान यदि किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है तो आगे की कार्रवाई तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर की जा सकती है।
इसके लिए पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और कार्यक्रम से संबंधित अन्य जानकारी जुटा सकती है।
ढांचा लगाने और हटाने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है।
अस्थायी ढांचों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने सार्वजनिक आयोजनों में लगाए जाने वाले अस्थायी लोहे के ढांचों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
दही-हंडी, धार्मिक उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम और राजनीतिक आयोजनों में बड़े मंच तथा लोहे के फ्रेम तैयार किए जाते हैं। इन्हें सुरक्षित तरीके से स्थापित करना जितना जरूरी है, उतना ही सावधानी से हटाना भी आवश्यक है।
छोटी सी लापरवाही भारी ढांचे के गिरने और गंभीर हादसे की वजह बन सकती है।
पुलिस की जांच जारी
सांगवी पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सलमा पठान हादसे के समय किस स्थान पर मौजूद थीं और ढांचे का हिस्सा किस परिस्थिति में उनके ऊपर गिरा।
प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाने के साथ कार्यक्रम के आयोजन और ढांचा हटाने की प्रक्रिया की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल 45 वर्षीय सलमा सलाउद्दीन पठान की मौत के मामले में ADR दर्ज की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा महज दुर्घटना थी या इसके पीछे सुरक्षा मानकों की अनदेखी और किसी स्तर पर लापरवाही भी जिम्मेदार थी।





