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फर्जी कॉल सेंटर से लाखों की ठगी 22 लोगों से 14.83 लाख ऐंठे 19 के खिलाफ केस

मुंबई। मुंबई की बांगुर नगर पुलिस ने मलाड वेस्ट में चल रहे एक कथित फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि यहां से लोगों को नामी कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों की लाइफटाइम फ्रैंचाइजी दिलाने और निवेश पर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगा जा रहा था। पुलिस ने मामले में 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में आरोपियों द्वारा 22 लोगों से कुल 14.83 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि मलाड वेस्ट इलाके में एक संदिग्ध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है। सूचना की जांच के बाद 2 सितंबर को पुलिस टीम ने नूतन स्कूल के पास मार्वे रोड स्थित ‘एम फिन्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ के कार्यालय पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां कई पुरुष और महिलाएं फोन पर लोगों से बातचीत करते मिले।
मोबाइल और व्हाट्सएप से करते थे संपर्क
पुलिस के मुताबिक कॉल सेंटर से संभावित ग्राहकों को मोबाइल फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया जाता था। आरोप है कि लोगों को बताया जाता था कि कंपनी के कई बड़ी कूरियर और ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ कॉन्ट्रैक्ट हैं।
इसके बाद लोगों को फ्रैंचाइजी लेने का प्रस्ताव दिया जाता था। उन्हें कथित तौर पर भरोसा दिलाया जाता था कि एक बार पैसा लगाने के बाद उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा और संबंधित कंपनी की लाइफटाइम फ्रैंचाइजी भी दी जाएगी।
पुलिस का आरोप है कि इसी आकर्षक प्रस्ताव के जरिए लोगों को निवेश करने के लिए तैयार किया जाता था। विश्वास में आने के बाद उनसे अलग-अलग मदों में रकम ली जाती थी।
बड़ी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप
आरोपियों पर Amazon, Flipkart, Myntra, Blue Dart, DTDC और BigBasket जैसी जानी-मानी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को प्रभावित करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक संभावित ग्राहकों से दावा किया जाता था कि कॉल सेंटर संचालित करने वाली कंपनी के इन ब्रांड्स के साथ व्यावसायिक कॉन्ट्रैक्ट हैं।
बड़ी कंपनियों के नाम सुनकर कई लोग कथित प्रस्ताव को वास्तविक मान लेते थे। इसके बाद उन्हें फ्रैंचाइजी और निवेश से जुड़े फायदे बताए जाते थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपियों ने लोगों को विश्वास में लेने के लिए किन दस्तावेजों, वेबसाइट, मैसेज या अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया था।
जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि जिन बड़ी कंपनियों के नाम लिए जा रहे थे, उनसे आरोपियों का वास्तव में कोई संबंध था या नहीं।
22 लोगों से 14.83 लाख की ठगी
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार इस कथित फर्जी कॉल सेंटर के जरिए अब तक कम से कम 22 लोगों को निशाना बनाए जाने की जानकारी मिली है। इन लोगों से कुल 14.83 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है।
पुलिस को आशंका हो सकती है कि जांच आगे बढ़ने पर पीड़ितों की संख्या और ठगी की कुल रकम में बदलाव सामने आए। इसके लिए कॉल सेंटर से मिले रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी जानकारियों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
यह भी पता लगाया जा रहा है कि पीड़ितों से रकम किस माध्यम से ली जाती थी। यदि पैसा बैंक खातों या डिजिटल भुगतान के जरिए लिया गया है तो संबंधित लेन-देन के रिकॉर्ड से रकम के अंतिम ठिकाने तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज
बांगुर नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें कॉल सेंटर के संचालन से जुड़े लोगों के साथ वहां काम करने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पूरे कथित नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा था, लोगों के मोबाइल नंबर कहां से हासिल किए जाते थे और फोन करने वाले कर्मचारियों को ग्राहकों से बातचीत के लिए किस तरह की जानकारी या स्क्रिप्ट दी जाती थी।
छापेमारी के दौरान कार्यालय में मौजूद पुरुषों और महिलाओं से भी पूछताछ की गई। मामले में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
डिजिटल रिकॉर्ड से खुल सकते हैं कई राज
कॉल सेंटर से जुड़े मामलों में मोबाइल फोन, कंप्यूटर, ईमेल, व्हाट्सएप चैट और बैंक खातों का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साबित होता है। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच के जरिए यह पता लगा सकती है कि कितने लोगों से संपर्क किया गया था और उनमें से कितने लोगों ने रकम जमा कराई।
इसके अलावा कॉल रिकॉर्ड से यह जानकारी भी सामने आ सकती है कि यह कथित कॉल सेंटर कितने समय से चल रहा था। पुलिस संबंधित बैंक खातों की जांच कर पैसों के लेन-देन की पूरी श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास कर सकती है।
आकर्षक ऑफर देकर बनाया निशाना
इस मामले में कथित ठगी का प्रमुख तरीका बड़ी कंपनियों की फ्रैंचाइजी और अधिक रिटर्न का लालच देना बताया जा रहा है। ऑनलाइन खरीदारी और कूरियर कारोबार के विस्तार के कारण बड़ी कंपनियों की फ्रैंचाइजी के नाम पर दिए जाने वाले प्रस्ताव लोगों को आकर्षित कर सकते हैं।
ऐसे में किसी भी फ्रैंचाइजी या निवेश प्रस्ताव में पैसा लगाने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत संपर्क माध्यम से उसकी पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। केवल व्हाट्सएप संदेश या फोन कॉल पर किए गए दावों के आधार पर बड़ी रकम जमा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल बांगुर नगर पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। शुरुआती जांच में 22 लोगों से 14.83 लाख रुपये की कथित ठगी सामने आई है। अब डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल से इस नेटवर्क का वास्तविक दायरा सामने आने की उम्मीद है।





