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वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम मुंबई पहुंचे, NSE दौरे में आर्थिक सहयोग पर जोर

Kavita2
7 May 2026 3:08 PM IST
वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम मुंबई पहुंचे, NSE दौरे में आर्थिक सहयोग पर जोर
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Maharashtra महाराष्ट्र: वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम अपने तीन दिवसीय भारत दौरे के हिस्से के रूप में गुरुवार को मुंबई पहुंचे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक सहयोग, निवेश के अवसरों और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करना बताया गया है।

मुंबई आगमन के बाद राष्ट्रपति टो लैम ने देश के प्रमुख वित्तीय संस्थान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का दौरा किया। यहां उन्होंने पारंपरिक बेल रिंगिंग समारोह में भाग लिया, जिसे वित्तीय बाजार की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर NSE के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीषकुमार चौहान तथा कई प्रमुख व्यापारिक प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

राष्ट्रपति टो लैम ने भारत के पूंजी बाजार की मजबूती, उसकी तेजी से बढ़ती क्षमता और वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत का स्टॉक मार्केट लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और यह विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक जुड़ाव को और गहरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

यह मुंबई यात्रा उस उच्च स्तरीय बैठक के बाद हुई, जो नई दिल्ली में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ संपन्न हुई थी। इस बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, निवेश और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई।



दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए कुल 13 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप देना और भविष्य में संयुक्त विकास की संभावनाओं को बढ़ाना है।

मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति टो लैम ने भारतीय वित्तीय प्रणाली की कार्यप्रणाली को समझा और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और वियतनाम दोनों ही तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं, और ऐसे में आपसी सहयोग दोनों देशों के विकास को नई गति दे सकता है।

इस दौरे को दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उच्च स्तरीय दौरे निवेश, व्यापार और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

राष्ट्रपति टो लैम का यह भारत दौरा न केवल आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को भी नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

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