महाराष्ट्र

गड्ढों में गमले रखकर सड़कों का अनोखा विरोध

Kavita2
5 Aug 2026 2:43 PM IST
गड्ढों में गमले रखकर सड़कों का अनोखा विरोध
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वसई-विरार। जुलाई महीने में हुई लगातार और भारी बारिश के बाद वसई-विरार क्षेत्र की सड़कों की हालत बेहद खराब हो गई है। जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव के कारण वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन सवारों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बन गई है। इसी समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए सतपाला के नंदन गांव के एक स्थानीय निवासी ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क के गड्ढों में फूलों के गमले रख दिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण कई प्रमुख और अंदरूनी सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बारिश का पानी गड्ढों में भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे वाहन चालक अचानक संतुलन खो बैठते हैं और दुर्घटनाएं हो जाती हैं। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को हो रही है।

इसी समस्या को उजागर करने के लिए नंदन गांव के निवासी ने सड़क के गहरे गड्ढों में गमले रखकर एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। उनका उद्देश्य प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का ध्यान सड़क की बदहाल स्थिति की ओर आकर्षित करना था। यह अनोखा विरोध लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया और राहगीरों ने भी इसे प्रशासन को जगाने की एक रचनात्मक पहल बताया।

स्थानीय निवासी का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई। ऐसे में मजबूर होकर उन्होंने यह तरीका अपनाया ताकि अधिकारियों तक समस्या की गंभीरता पहुंच सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते गड्ढों की मरम्मत नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

क्षेत्र के नागरिकों ने बताया कि कई स्थानों पर सड़कें इतनी खराब हो चुकी हैं कि वाहन धीरे-धीरे चलाने के बावजूद दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रात के समय और बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है क्योंकि पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते।

दोपहिया वाहन चालकों का कहना है कि गड्ढों के कारण आए दिन लोग फिसलकर घायल हो रहे हैं। कई बार वाहन क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान सड़क निर्माण की गुणवत्ता और समय पर रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि बारिश शुरू होने से पहले सड़कों की मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाए तो इस तरह की समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कों का सर्वे कराया जाए और जहां-जहां बड़े गड्ढे हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। साथ ही जलभराव रोकने के लिए नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की भी सफाई कराई जाए।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़कों की खराब स्थिति केवल असुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह सीधे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। यदि समय पर कार्रवाई नहीं की गई तो दुर्घटनाओं की संख्या और बढ़ सकती है।

उधर, स्थानीय लोगों के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क मरम्मत का कार्य शुरू करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि विरोध का उद्देश्य किसी का विरोध करना नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दे को प्रभावी ढंग से सामने लाना है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से इस विरोध प्रदर्शन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस अनोखी पहल के बाद संबंधित विभाग सड़क मरम्मत के लिए आवश्यक कदम उठाएगा और क्षेत्र के लोगों को खराब सड़कों की समस्या से राहत मिलेगी। मानसून के बीच सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी मानी जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।

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