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पालघर में बारिश का तांडव, दो की मौत; NDRF ने 244 लोगों को बचाया

पालघर : महाराष्ट्र के पालघर जिले में पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों ने रातभर अभियान चलाकर 244 लोगों को सुरक्षित बचाया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, भारी बारिश के बाद पालघर के कई हिस्सों में पानी भर गया। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई घरों और सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालात को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
जिला आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से चलाया गया बचाव अभियान सुबह करीब 5 बजे पूरा हुआ। इस अभियान में स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमों और NDRF के जवानों ने मिलकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
पालघर जिले के दहानू और तलसारी क्षेत्र भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। इन इलाकों में कई जगहों पर पानी भर गया और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए रखी है और जरूरत के अनुसार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
NDRF की दो टीमों ने रातभर मोर्चा संभाले रखा। बचाव दलों ने पानी से घिरे इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई स्थानों पर लोगों को निकालने के लिए विशेष उपकरणों और राहत नौकाओं का इस्तेमाल किया गया।
प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले के स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को शुक्रवार को भी बंद रखने का निर्देश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। मौसम की स्थिति में सुधार के बाद ही स्कूलों को दोबारा खोलने पर निर्णय लिया जाएगा।
भारी बारिश के कारण कई इलाकों में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की ओर से भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण अचानक पानी का स्तर बढ़ गया, जिससे कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से राहत शिविरों की व्यवस्था की जा रही है, जहां उन्हें भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करना है।
बारिश से हुई दो मौतों के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सतर्कता और बढ़ा दी है। बचाव कार्य पूरा होने के बाद अब राहत और पुनर्वास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
पालघर में भारी बारिश ने एक बार फिर मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को सामने ला दिया है। हालांकि, प्रशासन और बचाव एजेंसियों की सक्रियता से बड़ी संख्या में लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाला जा सका। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।





