महाराष्ट्र

Mumbai: भारी बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में जलभराव

Admindelhi1
24 July 2026 10:38 AM IST
Mumbai: भारी बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में जलभराव
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महाराष्ट्र में बारिश का रौद्र रूप, कई जिलों में संकट गहराया

मुंबई: महाराष्ट्र में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश गुरुवार को भी जारी है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बारिश प्रभावित जिलों में प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।

बारिश का सबसे ज्यादा असर पालघर, ठाणे, मुंबई, पुणे, नासिक, रायगढ़, रत्नागिरी और कोंकण क्षेत्र में देखा जा रहा है। मुंबई और उसके उपनगरों में कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा है। भारी बारिश का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा है। मुंबई-गुजरात रेल मार्ग पर ट्रैक पर पानी भर जाने से कई लंबी दूरी की ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि अनेक ट्रेनें देरी से चल रही हैं। उपनगरीय लोकल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर जलभराव तथा पेड़ गिरने की घटनाओं के कारण यातायात बाधित हुआ है। पालघर जिले में बोईसर-पालघर मार्ग सहित कई प्रमुख सडक़ें अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ी हैं।

तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे अनेक गांवों और कस्बों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। वहीं, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य चला रही हैं। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने महाराष्ट्र के कई जिलों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कोंकण, घाट क्षेत्रों और उत्तर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने जिला अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनती नदियों-नालों के पास न जाएं तथा केवल प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से तुरंत संपर्क करने की सलाह दी गई है।

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