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दिनदहाड़े शिक्षक के घर चोरी 15 मिनट में सोने के गहने लेकर फरार हुए बदमाश

छत्रपति संभाजीनगर। सिडको वालुज महानगर-1 स्थित सारा ग्रीन सोसाइटी में बुधवार को दिनदहाड़े चोरी की वारदात सामने आई है। दो संदिग्धों ने कथित रूप से एक कला शिक्षक के बंद घर को निशाना बनाया और करीब तीन से साढ़े तीन तोले सोने के गहने चुराकर फरार हो गए। पूरी वारदात लगभग 15 मिनट के भीतर हुई। घटना के बाद सोसाइटी से दोपहिया वाहन पर भागते दो संदिग्ध सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कला शिक्षक अविनाश सुरडकर अपनी पत्नी और बेटी के साथ सारा ग्रीन सोसाइटी के विंग नंबर दो स्थित फ्लैट नंबर 10 में रहते हैं। उनकी पत्नी एक निजी कंपनी में काम करती हैं। बुधवार सुबह परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने काम से घर से बाहर निकले थे। घर में कोई नहीं होने का फायदा उठाकर संदिग्धों ने वारदात को अंजाम दिया।
अविनाश सुरडकर हमेशा की तरह बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे स्कूल जाने के लिए घर से निकले थे। इसके बाद उनकी पत्नी ने घर में ताला लगाया और सुबह करीब साढ़े नौ बजे अपने कार्यालय चली गईं। उनकी बेटी उस समय अपनी दादी के घर गई हुई थी। इस वजह से फ्लैट पूरी तरह खाली था।
बताया जा रहा है कि दोपहर के समय दो लोग सोसाइटी में दाखिल हुए और शिक्षक के फ्लैट तक पहुंच गए। उन्होंने कथित रूप से घर का ताला तोड़ा या किसी अन्य तरीके से दरवाजा खोलकर अंदर प्रवेश किया। घर में दाखिल होने के बाद संदिग्धों ने कमरों और अलमारियों को खंगाला। इसके बाद वे करीब तीन से साढ़े तीन तोले सोने के गहने लेकर बाहर निकल गए।
वारदात जिस तेजी से की गई, उससे संदेह जताया जा रहा है कि आरोपियों ने पहले से घर और परिवार की दिनचर्या की जानकारी जुटाई होगी। हालांकि, इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपियों ने उसी फ्लैट को क्यों चुना और उन्हें घर खाली होने की जानकारी कैसे मिली।
चोरी की पूरी घटना लगभग 15 मिनट के भीतर अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। संदिग्धों ने घर में मौजूद कीमती वस्तुओं को निशाना बनाया और ज्यादा समय बिताए बिना बाहर निकल गए। उनके सोसाइटी से बाहर जाते समय के दृश्य परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गए। फुटेज में दो लोग दोपहिया वाहन पर जाते दिखाई दे रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग साबित हो सकता है। उसमें दिखाई दे रहे संदिग्धों के कपड़े, हुलिया, आने-जाने का समय और वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के रास्तों, दुकानों, चौराहों और दूसरी सोसाइटियों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा सकती है। इससे संदिग्धों के आने और भागने का रास्ता पता लगाने में मदद मिलेगी।
वारदात का पता उस समय चला, जब परिवार का कोई सदस्य घर लौटा। दरवाजे और घर के अंदर का सामान अस्त-व्यस्त देखकर चोरी की आशंका हुई। अलमारी और अन्य स्थानों को जांचने पर सोने के गहने गायब मिले। इसके बाद संबंधित थाने को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
परिवार के अनुसार, घर से करीब तीन से साढ़े तीन तोले सोने के आभूषण चोरी हुए हैं। चोरी गए गहनों की पूरी सूची और वर्तमान बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर गायब सामान और उसकी अनुमानित कीमत का विवरण दर्ज किया जाएगा। घर से नकदी या कोई दूसरी वस्तु चोरी हुई है या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना के बाद सारा ग्रीन सोसाइटी के निवासियों में चिंता का माहौल है। दिन के समय बाहरी लोगों के सोसाइटी में प्रवेश करने और एक फ्लैट में चोरी कर निकल जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने प्रवेश द्वार पर आने-जाने वालों का विवरण दर्ज करने और परिसर के सभी सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने की जरूरत बताई है।
यह भी जांच का विषय है कि संदिग्ध सोसाइटी में किस रास्ते से दाखिल हुए और प्रवेश के समय किसी ने उन्हें देखा था या नहीं। यदि मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्ड तैनात था तो आगंतुक रजिस्टर और दूसरे रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। संदिग्धों ने वाहन सोसाइटी के भीतर खड़ा किया था या बाहर, इसकी जानकारी भी फुटेज से जुटाने का प्रयास किया जाएगा।
दिनदहाड़े होने वाली चोरी की घटनाओं में अपराधी अक्सर ऐसे घरों को निशाना बनाते हैं, जहां परिवार के सभी सदस्य काम या पढ़ाई के लिए बाहर जाते हैं। कुछ संदिग्ध पहले इलाके में घूमकर बंद घरों की पहचान करते हैं। इसके बाद कम समय में ताला तोड़कर कीमती सामान लेकर फरार हो जाते हैं। इस मामले में भी घटनाक्रम की इसी दृष्टिकोण से पड़ताल की जा रही है।
सोसाइटी प्रबंधन से परिसर के कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को कहा जा सकता है, ताकि कोई महत्वपूर्ण फुटेज मिटने न पाए। सीसीटीवी की समय सेटिंग की भी जांच आवश्यक होगी, जिससे वारदात का सही समय निर्धारित किया जा सके। फुटेज में वाहन का पंजीकरण नंबर स्पष्ट होने पर संदिग्धों तक पहुंचना आसान हो सकता है।
अधिकारियों द्वारा आसपास के पुराने अपराधियों और चोरी के मामलों में पहले पकड़े गए लोगों की जानकारी भी देखी जा सकती है। चोरी किए गए गहनों को बेचने की आशंका को देखते हुए स्थानीय सराफा कारोबारियों से भी सतर्कता बरतने को कहा जा सकता है। बिना दस्तावेज या संदिग्ध परिस्थिति में गहने बेचने आने वाले लोगों की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की जा सकती है।
घटना ने नागरिकों को घरों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत भी याद दिलाई है। लंबे समय तक घर खाली छोड़ते समय भरोसेमंद पड़ोसी को जानकारी देना, मजबूत ताले लगाना और दरवाजे पर कैमरा लगाना उपयोगी हो सकता है। सोसाइटी परिसर में प्रवेश करने वाले बाहरी लोगों का विवरण दर्ज करना भी जरूरी है।
फिलहाल सीसीटीवी में कैद दोनों संदिग्धों की पहचान नहीं हो सकी है। फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर उन्हें खोजने का प्रयास किया जा रहा है। वारदात में इस्तेमाल दोपहिया वाहन के बारे में जानकारी मिलने से मामले में महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग सकता है। शिक्षक के परिवार ने चोरी गए गहने बरामद करने और आरोपियों को जल्द पकड़ने की मांग की है।





