महाराष्ट्र

मालवण नगर परिषद में शिंदे गुट की Shiv Sena का दबदबा, ममता वराडकर बनीं मेयर

Gulabi Jagat
21 Dec 2025 2:35 PM IST
मालवण नगर परिषद में शिंदे गुट की Shiv Sena का दबदबा, ममता वराडकर बनीं मेयर
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Malvan Nagar Parishad; सिंधुदुर्ग जिले की मालवण नगर परिषद चुनाव के अंतिम नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। कुल 20 सीटों और मेयर पद के लिए हुए इस चुनाव में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को बढ़त मिली है। शिवसेना की उम्मीदवार ममता वराडकर ने मेयर पद का चुनाव जीत लिया है। सीटों के आंकड़ों की बात करें तो शिंदे गुट की शिवसेना ने 10 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं बीजेपी को 5 सीटें, शिवसेना (उद्धव गुट) को 4 सीटें मिली हैं, जबकि एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहा है।
इन नतीजों के बाद मालवण की राजनीति में राणे परिवार की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। चुनाव परिणामों से यह संकेत मिला है कि निलेश राणे ने क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी है, जबकि इस चुनाव में नितेश राणे को नुकसान उठाना पड़ा है।
मालवण नगर परिषद के नतीजों को सिंधुदुर्ग जिले की स्थानीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। इन परिणामों से आने वाले दिनों में नगर परिषद में सत्ता संतुलन और प्रशासनिक फैसलों की दिशा साफ होने की उम्मीद है।महाराष्ट्र में 286 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए हुए स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग की निगरानी में मतगणना प्रक्रिया सुबह से अलग‑अलग केंद्रों पर शुरू हुई। इन चुनावों को राज्य की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इनके नतीजे आने वाले नगर निगम चुनावों की दिशा का संकेत दे सकते हैं।
ये चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए थे। पहले चरण में 263 नगर परिषद और नगर पंचायतों के लिए 2 दिसंबर को मतदान कराया गया था। इसके बाद दूसरे चरण में शेष 23 नगर परिषदों और कुछ खाली पदों के लिए शनिवार को वोट डाले गए। दोनों चरणों में मतदान शांतिपूर्ण रहा और किसी बड़े व्यवधान की सूचना नहीं मिली।
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ बीजेपी‑नेतृत्व वाली महायुति और विपक्षी महा विकास आघाड़ी के बीच देखा गया। कई जगहों पर गठबंधन के भीतर भी मुकाबले की स्थिति बनी, जहां सहयोगी दलों के उम्मीदवार आमने‑सामने थे। इसे स्थानीय स्तर पर “फ्रेंडली फाइट” माना गया।
मतगणना शुरू होने से पहले ही कुछ जगहों पर निर्विरोध नतीजे सामने आ चुके थे। जानकारी के अनुसार तीन बीजेपी मंत्रियों को निर्विरोध जीत मिली है। इसके अलावा दो नगर परिषद और एक ग्राम पंचायत में भी बिना मुकाबले पार्टी की जीत दर्ज हुई।
शुरुआती रुझानों में कई जिलों से सत्तारूढ़ गठबंधन के पक्ष में बढ़त की खबरें सामने आई हैं, जबकि विपक्षी गठबंधन भी कुछ क्षेत्रों में मजबूत स्थिति बनाए हुए है। हालांकि, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम और आधिकारिक आंकड़े आने के बाद ही साफ तस्वीर सामने आएगी।
इस चुनाव में बारामती और अंबरनाथ जैसे प्रमुख नगर निकायों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बारामती को राजनीतिक रूप से अहम क्षेत्र माना जाता है, वहीं अंबरनाथ जैसे शहरी क्षेत्र के नतीजे शहरी मतदाताओं के रुझान को दिखा सकते हैं। राजनीतिक दल इन नतीजों को भविष्य की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, सभी मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
स्थानीय निकाय चुनावों को राज्य की जमीनी राजनीति का पैमाना माना जाता है। इन नतीजों से यह साफ होगा कि शहरों और कस्बों में मतदाताओं का भरोसा किस राजनीतिक धड़े के साथ है। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि हाल के राजनीतिक बदलावों का असर स्थानीय स्तर पर कितना पड़ा है।
मतगणना का काम पूरा होने के बाद सभी नगर परिषद और नगर पंचायतों की अंतिम सीटों का विवरण सार्वजनिक किया जाएगा। इसके बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदों के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
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