महाराष्ट्र

शिवसेना (UBT) में अंदरूनी विवाद के संकेत

Anurag
30 Jun 2026 6:29 PM IST
शिवसेना (UBT) में अंदरूनी विवाद के संकेत
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Maharashtra:महाराष्ट्र की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर ने पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का फैसला किया है। Sachin Ahir के इस कदम को राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

पार्टी बदलने के तुरंत बाद सचिन अहीर ने विधान परिषद के उपसभापति (डिप्टी चेयरमैन) पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद विधान परिषद की राजनीतिक स्थिति में नई हलचल देखी जा रही है।
अहीर लंबे समय से उद्धव ठाकरे गुट के प्रमुख नेताओं में गिने जाते रहे हैं और मुंबई की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। विशेषकर वर्ली विधानसभा क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी अहम भूमिका रही है। 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान आदित्य ठाकरे के प्रचार अभियान में भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी।
Aaditya Thackeray के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती रही है, ऐसे में उनका शिवसेना (UBT) छोड़ना पार्टी संगठन के लिए महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अहीर का यह कदम राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों और संगठनात्मक रणनीति से जुड़ा हुआ माना जा रहा है। वहीं, उनके शिंदे गुट में शामिल होने के बाद सत्ता संतुलन पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
Eknath Shinde के नेतृत्व वाली शिवसेना में उनके शामिल होने को संगठनात्मक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के भीतर इसे एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिससे विधान परिषद में समीकरण बदल सकते हैं।
विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद राजनीतिक हलकों में इस बात पर भी चर्चा तेज हो गई है कि आने वाले समय में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और बढ़ सकती है।
मुंबई की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सचिन अहीर का यह कदम शिवसेना (UBT) के लिए संगठनात्मक स्तर पर एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। वहीं शिंदे गुट के लिए यह एक राजनीतिक बढ़त के रूप में माना जा रहा है।
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