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जलगांव की SHG महिलाओं ने न्यूयॉर्क में दिखाए कॉपर प्रोडक्ट्स

Maharashtra महाराष्ट्र: स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन (MSRLM) के तहत चल रहे उमेद अभियान ने जलगांव जिले की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें स्थानीय स्तर से वैश्विक मंच तक पहुंचा दिया है। इस पहल के तहत महिलाओं के स्वयं सहायता समूह (SHG) अब केवल छोटे घरेलू व्यवसाय तक सीमित नहीं रहे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहचान बना चुके हैं।
जलगांव की महिलाओं ने हाल ही में न्यूयॉर्क, USA में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में अपने हाथ से बने तांबे के उत्पादों का प्रदर्शन किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कभी गांवों में पापड़ और कुरदैया जैसी पारंपरिक वस्तुएं बनाकर स्थानीय बाजार में बेचने वाली ये महिलाएं अब आधुनिक तकनीक अपनाकर उच्च गुणवत्ता वाले कॉपर उत्पाद तैयार कर रही हैं।
इस बदलाव की प्रमुख कड़ी नंदरा गांव की अनीता सोनावणे हैं, जो लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। साधारण किसान परिवार से आने वाली अनीता पहले खेतिहर मजदूर के रूप में काम करती थीं। उन्होंने अपने परिवार की पारंपरिक तांबे के बर्तन बनाने की कला को आगे बढ़ाते हुए इसे आजीविका का साधन बनाया। उन्होंने लगभग दस महिलाओं को जोड़कर कॉपर लैंप, बोतलें और गिलास जैसे उत्पाद बनाना शुरू किया, जिससे यह एक संगठित महिला उद्यम बन गया।
उमेद अभियान के माध्यम से इन महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में भाग लेने का अवसर मिला। उन्होंने मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, नासिक और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में आयोजित प्रदर्शनी में अपने उत्पाद प्रस्तुत किए, जहां उन्हें अच्छा बाजार और पहचान मिली।
कार्यक्रम के तहत महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, बचत की आदतों और स्व-रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ है। इस पहल ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें उद्यमिता की दिशा में भी प्रेरित किया है।
आज इन समूहों के उत्पाद न केवल स्थानीय बाजार में बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। उमेद अभियान की यह सफलता ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आई है।





