महाराष्ट्र

बीड में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, महिला को बचाया; पति-पत्नी समेत तीन पर केस

Kavita2
30 Sept 2026 4:07 PM IST
बीड में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, महिला को बचाया; पति-पत्नी समेत तीन पर केस
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बीड। महाराष्ट्र के बीड जिले में पुलिस की एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मजलगांव तहसील में कथित तौर पर चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक महिला को सुरक्षित बचाया और इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में पति-पत्नी की एक जोड़ी भी शामिल बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार सोमवार को एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को मजलगांव तहसील के लोंगांव क्षेत्र में गोदावरी टांडा के पास स्थित ‘होटल जुगाड़’ में कथित रूप से देह व्यापार कराए जाने की सूचना मिली थी। यह क्षेत्र दिंद्रुड पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।

सूचना मिलने के बाद सहायक पुलिस निरीक्षक जनाबाई सांगले ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले सूचना की पुष्टि करने और फिर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

वरिष्ठ अधिकारियों से आवश्यक निर्देश मिलने के बाद सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर अशोक अनंतरे के नेतृत्व में छापेमारी के लिए विशेष टीम तैयार की गई। कार्रवाई को पारदर्शी रखने के लिए स्वतंत्र सरकारी गवाहों को भी टीम के साथ शामिल किया गया।

पुलिस ने मौके पर सीधे छापा मारने के बजाय पहले कथित गतिविधियों की पुष्टि करने के लिए एक डिकॉय ग्राहक को भेजने की योजना बनाई। नकली ग्राहक को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर होटल में भेजा गया और पुलिस टीम आसपास निगरानी करती रही।

पुलिस के मुताबिक डिकॉय ग्राहक के जरिए सूचना की पुष्टि होने के बाद पहले से तय संकेत मिलते ही टीम ने होटल में दबिश दी। अचानक हुई पुलिस कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक महिला को वहां से सुरक्षित निकाला। अधिकारियों ने महिला से प्रारंभिक जानकारी ली और उसके बाद उसे आवश्यक संरक्षण तथा सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की।

पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले को मानव तस्करी और व्यावसायिक यौन शोषण से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांचा जा रहा है। महिला को आरोपी के तौर पर नहीं, बल्कि संभावित पीड़िता के रूप में देखा जा रहा है।

कार्रवाई के बाद तीन लोगों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया। इनमें एक दंपती की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगा रही है कि कथित रैकेट कब से चल रहा था और इसमें अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।

जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि महिला को इस स्थान तक किस तरह लाया गया। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह अपनी इच्छा से वहां पहुंची थी या उसे किसी प्रलोभन, दबाव अथवा अन्य माध्यम से इस गतिविधि में शामिल किया गया था।

आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा सकती है। इससे पुलिस को संभावित ग्राहकों, बिचौलियों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।

पुलिस यह भी जांच रही है कि होटल या संबंधित स्थान का उपयोग कथित देह व्यापार के लिए नियमित रूप से किया जा रहा था या नहीं। इस संबंध में आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

होटल के संचालन, वहां आने-जाने वाले लोगों तथा उपलब्ध दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। यदि सीसीटीवी कैमरे मौजूद हैं तो उनकी रिकॉर्डिंग भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक ऐसी कार्रवाई में डिकॉय ग्राहक का उपयोग इसलिए किया जाता है ताकि शिकायत या गुप्त सूचना की वास्तविकता की पुष्टि की जा सके और कार्रवाई के दौरान आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा सकें।

छापेमारी के दौरान स्वतंत्र गवाहों को साथ रखने का उद्देश्य भी पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण करना और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए साक्ष्य सुरक्षित करना है।

एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट विशेष रूप से मानव तस्करी, महिलाओं और बच्चों के शोषण तथा देह व्यापार के लिए लोगों को मजबूर किए जाने जैसे मामलों पर कार्रवाई करती है। इस मामले में भी यूनिट जांच कर रही है कि कहीं किसी बड़े नेटवर्क से इसका संबंध तो नहीं है।

पुलिस उन लोगों की भूमिका का भी पता लगा रही है जो कथित तौर पर ग्राहकों को इस जगह तक पहुंचाते थे। यदि कोई बिचौलिया या अन्य व्यक्ति इसमें शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

महिला को सुरक्षित निकालने के बाद उसका बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उसके बयान से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि वहां क्या गतिविधियां चल रही थीं और किन लोगों की इसमें भूमिका थी।

मामले में दर्ज आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। फिलहाल पुलिस ने शुरुआती साक्ष्यों और कार्रवाई के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित गतिविधि से कितनी रकम कमाई जा रही थी और पैसों का लेनदेन किस तरह होता था। डिजिटल भुगतान या बैंक खाते से जुड़े साक्ष्य मिलने पर उनकी भी जांच की जा सकती है।

मजलगांव तहसील में हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में ऐसी अन्य गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर बढ़ सकती है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि मानव तस्करी और महिलाओं के शोषण से जुड़े मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी।

फिलहाल एक महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है और तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित सेक्स रैकेट का दायरा कितना बड़ा था और इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं।

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