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शिवसेना UBT नेता प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड में दो गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश तेज

ठाणे। शिवसेना (UBT) नेता प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले में ठाणे पुलिस ने जांच तेज करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पापू शिंदे और आकाश निमसे के रूप में हुई है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े तीन से चार अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हत्या में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और अलग-अलग टीमों को उनकी तलाश में लगाया गया है।
प्रदीप पूर्णेकर शिवसेना (UBT) के स्थानीय विभाग प्रमुख थे। मंगलवार रात ठाणे के मानपाड़ा इलाके में उनके कार्यालय के पास उन पर हमला किया गया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने पहले उन पर गोलीबारी की और गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद कापूरबावड़ी पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और हमलावरों के आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाई। इसी आधार पर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने अब पापू शिंदे और आकाश निमसे को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
इस बीच पापू शिंदे को पुलिस द्वारा थाने ले जाते हुए दिखाने वाली तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। पुलिस हिरासत में उसकी मौजूदगी के बाद मामले में आगे की पूछताछ से और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दोनों गिरफ्तार आरोपियों की हत्या में क्या भूमिका थी। क्या वे सीधे हमले में शामिल थे या उन्होंने आरोपियों को किसी तरह की मदद उपलब्ध कराई, इसकी जांच जारी है।
अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अभी तीन से चार अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस की टीमें अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी और तलाश कर रही हैं। संदिग्धों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और आपसी संपर्क भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
प्रदीप पूर्णेकर पर हमला मंगलवार रात करीब नौ बजे के आसपास हुआ था। घटना कापूरबावड़ी पुलिस स्टेशन की सीमा में मानपाड़ा-घोड़बंदर रोड क्षेत्र में हुई। हमला उनके कार्यालय के बाहर या आसपास किया गया। गोली लगने के बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कुछ रिपोर्टों में हमलावरों के हेलमेट और मास्क पहनकर आने की बात सामने आई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनके वाहन और भागने के रास्ते की भी जांच कर रही है।
मामले में पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की योजना कब और कहां बनाई गई थी तथा इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या था।
हत्या के बाद पूर्णेकर के परिवार और समर्थकों में आक्रोश देखा गया। परिवार ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस कारण कापूरबावड़ी पुलिस स्टेशन के आसपास भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रदीप पूर्णेकर ठाणे के मानपाड़ा, मनोरमा नगर और आजाद नगर क्षेत्र में शिवसेना (UBT) के विभाग प्रमुख के रूप में सक्रिय थे। वे स्थानीय सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी हिस्सा लेते थे।
हत्या के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। शिवसेना (UBT) के कुछ नेताओं और पूर्णेकर के परिवार ने अन्य राजनीतिक लोगों पर आरोप लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच जारी है और अभी किसी कथित राजनीतिक साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। पुराने विवाद, व्यक्तिगत रंजिश और अन्य संभावित कारण भी जांच में शामिल हैं। जांच एजेंसियां फिलहाल किसी एक मकसद को अंतिम नहीं मान रही हैं।
सीसीटीवी फुटेज इस मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकती है। पुलिस फुटेज के जरिए हमलावरों की गतिविधियों, उनके पहुंचने के समय और वारदात के बाद भागने की दिशा का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
गिरफ्तार दोनों संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यह भी जांचा जा रहा है कि आरोपियों ने घटना से पहले किससे संपर्क किया था और वारदात के बाद कहां गए।
पुलिस हमले में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी की दिशा में भी जांच कर रही है। हथियार मिलने पर फोरेंसिक जांच के जरिए यह पुष्टि की जा सकती है कि उसी हथियार से पूर्णेकर पर गोली चलाई गई थी या नहीं।
घटना के बाद ठाणे के संबंधित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। पुलिस ने किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है।
इस हत्या ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया है। पार्टी कार्यकर्ता लगातार पुलिस से मामले की तेजी से जांच और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल दो आरोपियों की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई अभी पूरी नहीं हुई है। तीन से चार अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है और उनसे जुड़े ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।
पुलिस का मुख्य फोकस अब हत्या में शामिल सभी व्यक्तियों की पहचान, वारदात की पूरी साजिश और इसके पीछे के मकसद को स्पष्ट करने पर है। पापू शिंदे और आकाश निमसे की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से मिलने वाली जानकारी इस मामले में आगे की जांच की दिशा तय कर सकती है।





