महाराष्ट्र

सचिन वाज़े को झटका जमानत आदेश पर हाई कोर्ट की रोक

Ratna Netam
30 Sept 2026 2:34 PM IST
सचिन वाज़े को झटका जमानत आदेश पर हाई कोर्ट की रोक
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मुंबई : बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को एंटीलिया बम मामले में बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाज़े को सेशंस कोर्ट से मिली जमानत के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने सेशंस कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था, जिसमें वाज़े को जमानत दी गई थी। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए जमानत आदेश पर कुछ समय के लिए रोक लगाने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी।
मामला एंटीलिया बम प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें सचिन वाज़े आरोपी हैं। सेशंस कोर्ट की ओर से उन्हें जमानत दिए जाने के बाद NIA ने इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। एजेंसी ने जमानत के आदेश को चुनौती देते हुए अदालत से इसमें हस्तक्षेप करने की मांग की। बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सेशंस कोर्ट के आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी।
हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद सचिन वाज़े को मिली जमानत का लाभ फिलहाल प्रभावी नहीं होगा। अदालत ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 7 अक्टूबर की तारीख तय की है। इस दिन NIA की ओर से दायर चुनौती और जमानत आदेश से जुड़े कानूनी पहलुओं पर आगे विचार किया जाएगा।
सेशंस कोर्ट ने इससे पहले सचिन वाज़े को जमानत देने का आदेश दिया था। इसके बाद जांच एजेंसी NIA ने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी। एजेंसी की ओर से कहा गया कि जमानत के आदेश पर दोबारा विचार किए जाने की जरूरत है। हाई कोर्ट ने मामले को सुनने के बाद फिलहाल जमानत आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगाने का फैसला किया।
इस घटनाक्रम के बाद सचिन वाज़े के मामले में कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर हाई कोर्ट पहुंच गई है। सेशंस कोर्ट से राहत मिलने के बाद वाज़े की ओर से जमानत का रास्ता खुलता नजर आ रहा था, लेकिन NIA की चुनौती के बाद अब इस आदेश पर अस्थायी रोक लग गई है। इससे उनकी रिहाई से जुड़ी प्रक्रिया भी फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकेगी।
बॉम्बे हाई कोर्ट में हुई सुनवाई का मुख्य केंद्र सेशंस कोर्ट का जमानत आदेश रहा। NIA ने इसी आदेश को चुनौती दी है। हाई कोर्ट ने फिलहाल अंतिम फैसला नहीं दिया है, बल्कि अगले आदेश तक जमानत पर रोक लगाई है। इससे साफ है कि मामले में अभी कानूनी बहस जारी रहेगी।
अब 7 अक्टूबर की सुनवाई अहम मानी जा रही है। उस दिन हाई कोर्ट यह तय कर सकता है कि सेशंस कोर्ट का जमानत आदेश जारी रखा जाए या NIA की आपत्तियों के आधार पर उसमें किसी तरह का बदलाव किया जाए। फिलहाल अदालत ने केवल अस्थायी रूप से आदेश पर रोक लगाई है।
एंटीलिया बम मामला लंबे समय से कानूनी और जांच प्रक्रिया के दायरे में है। इस मामले में सचिन वाज़े की भूमिका को लेकर जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की थी। इसी मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया और बाद में पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। अब जमानत से जुड़े आदेश को लेकर दो अलग-अलग अदालतों में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
सेशंस कोर्ट से जमानत मिलने के बाद NIA ने तुरंत ऊपरी अदालत का रुख किया। जांच एजेंसी ने हाई कोर्ट से कहा कि जमानत के आदेश पर रोक लगाई जाए और मामले को विस्तार से सुना जाए। हाई कोर्ट ने एजेंसी की याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल राहत देने के बजाय यथास्थिति बनाए रखने का रास्ता चुना।
इस आदेश का सीधा असर सचिन वाज़े की जमानत पर पड़ा है। सेशंस कोर्ट का फैसला फिलहाल लागू नहीं होगा और उन्हें हाई कोर्ट में अगली सुनवाई तक इंतजार करना होगा। 7 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि जमानत का आदेश बरकरार रहेगा या उसे आगे भी रोका जाएगा।
कानूनी मामलों में निचली अदालत के जमानत आदेश को जांच एजेंसी या अभियोजन पक्ष उच्च अदालत में चुनौती दे सकता है। इस मामले में भी NIA ने इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया है। हाई कोर्ट ने एजेंसी की याचिका स्वीकार करते हुए तत्काल अंतिम निर्णय नहीं दिया, बल्कि जमानत आदेश पर अंतरिम रोक लगाई है।
फिलहाल सचिन वाज़े को सेशंस कोर्ट से मिली राहत पर रोक बनी रहेगी। मामले से जुड़े सभी पक्ष अब 7 अक्टूबर की सुनवाई का इंतजार करेंगे। इस दिन हाई कोर्ट में NIA की आपत्तियों और सेशंस कोर्ट के जमानत आदेश से जुड़े तर्कों पर आगे सुनवाई हो सकती है।
इस पूरे मामले में अभी अंतिम कानूनी फैसला आना बाकी है। हाई कोर्ट की बुधवार की कार्रवाई केवल अस्थायी रोक तक सीमित है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि सचिन वाज़े की जमानत पूरी तरह रद्द कर दी गई है। अगली सुनवाई के बाद ही इस संबंध में स्थिति और स्पष्ट होगी।
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