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फर्जी CSR दान रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, चार राज्यों में 8 ठिकानों पर छापेमारी

Shantanu Roy
30 Sept 2026 1:27 PM IST
फर्जी CSR दान रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, चार राज्यों में 8 ठिकानों पर छापेमारी
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New Delhi. नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मुंबई जोनल टीम ने फर्जी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) दान रैकेट से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को जांच एजेंसी ने देश के चार राज्यों में एक साथ कुल आठ ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई डॉ. धर्मेंद्र कुमार एवं अन्य से जुड़े मामले में की गई है। प्रारंभिक जांच में सैकड़ों करोड़ रुपये के कथित फर्जी सीएसआर दान नेटवर्क की बात सामने आई है। ईडी के अनुसार तलाशी अभियान के तहत महाराष्ट्र में पांच, पश्चिम बंगाल में एक, गुजरात में एक और दिल्ली-एनसीआर में एक ठिकाने पर कार्रवाई की गई। जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने बाजार संचालकों, ट्रस्टियों और बिचौलियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली। इस दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री जांच के दायरे में ली गई है।
मामले की जांच में सामने आया है कि कुछ ट्रस्ट कथित तौर पर विशेष उद्देश्य से बनाए गए थे। इन ट्रस्टों का इस्तेमाल कंपनियों की अनिवार्य कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व राशि को दान के रूप में प्राप्त करने और फिर कमीशन काटकर उसी रकम को कथित तौर पर संबंधित दानदाताओं तक वापस पहुंचाने के लिए किया जाता था। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस पूरे नेटवर्क में कई ट्रस्ट, बिचौलिये और कारोबारी माध्यम की भूमिका निभा रहे थे। कंपनियों द्वारा सीएसआर मद में दी जाने वाली राशि को वास्तविक सामाजिक कार्यों पर खर्च करने के बजाय कथित रूप से एक योजनाबद्ध व्यवस्था के तहत घुमाकर वापस पहुंचाया जाता था।
ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए कितनी रकम का लेन-देन किया गया और इसमें कितने ट्रस्ट तथा कारोबारी समूह शामिल थे। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित कमीशन की दर क्या थी और रकम वापस पहुंचाने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी जांच के लिए लिया है। इन उपकरणों में मौजूद डिजिटल रिकॉर्ड, लेन-देन से संबंधित जानकारी, संपर्कों और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और कथित वित्तीय लेन-देन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। ईडी मामले में बाजार संचालकों, ट्रस्टियों और बिचौलियों की भूमिका की भी अलग-अलग जांच कर रही है।
एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी दान की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित होती थी और इसमें किस व्यक्ति की क्या जिम्मेदारी थी। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू कंपनियों द्वारा सीएसआर के नाम पर दी गई रकम और उसके बाद हुए वित्तीय लेन-देन का मिलान करना भी है। जांच एजेंसी उपलब्ध रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक डेटा के आधार पर रकम के प्रवाह को समझने की कोशिश कर रही है। फिलहाल मामले में तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच जारी है। संबंधित लोगों से आगे पूछताछ की भी तैयारी की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ईडी की इस कार्रवाई के बाद कथित फर्जी सीएसआर दान नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। जांच एजेंसी पूरे वित्तीय नेटवर्क, कमीशन व्यवस्था और रकम के कथित पुनः हस्तांतरण से जुड़े पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही है।
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