महाराष्ट्र

हत्या के बाद सताने लगे डरावने सपने, 20 दिन बाद आरोपी ने किया आत्मसमर्पण

Rajeshwari Nishad
3 Nov 2026 8:49 PM IST
हत्या के बाद सताने लगे डरावने सपने, 20 दिन बाद आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
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मुंबई। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली से हत्या का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने शराब पीने के दौरान हुए मामूली विवाद में कथित तौर पर अपने ही दोस्त की हत्या कर दी। इसके बाद मकान मालिक की मदद से शव को ठिकाने लगाकर वारदात छिपाने का प्रयास किया। लेकिन करीब 20 दिनों तक आरोपी को अपने मृत दोस्त के डरावने सपने आते रहे। आरोपी के मुताबिक, सपनों और मानसिक बेचैनी के कारण वह ठीक से सो नहीं पा रहा था। आखिरकार परेशान होकर वह खुद पुलिस के सामने पहुंच गया और हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस ने मुख्य आरोपी और शव छिपाने में कथित तौर पर मदद करने वाले मकान मालिक को गिरफ्तार कर लिया है।
यह मामला डोंबिवली पश्चिम के मोठागांव इलाके का है। पुलिस के अनुसार, हत्या की घटना 9 अक्टूबर 2026 को हुई थी। मृतक की पहचान 43 वर्षीय पल्लव उर्फ विशाल कदम के रूप में हुई है, जबकि मुख्य आरोपी का नाम 24 वर्षीय प्रभु करकड़े बताया गया है। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच दोस्ती थी।
जानकारी के मुताबिक, घटना वाली रात विशाल कदम और प्रभु करकड़े एक मकान में बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच तीखी बहस होने लगी।पुलिस के अनुसार, शराब के नशे में हुए विवाद के दौरान प्रभु करकड़े ने कथित तौर पर आपा खो दिया और विशाल कदम की हत्या कर दी। हालांकि, हत्या किस हथियार या तरीके से की गई, इसकी विस्तृत जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस घटना के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
हत्या के बाद आरोपी घबरा गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या किया जाए। आरोप है कि उसने इस घटना की जानकारी अपने मकान मालिक संदेश म्हात्रे को दी। इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर शव को छिपाने की योजना बनाई।रिपोर्ट के अनुसार, मकान मालिक ने आरोपी को पुलिस के पास जाने के बजाय घटना छिपाने की सलाह दी। उसने कथित तौर पर आरोपी से कहा कि अभी उसकी शादी भी नहीं हुई है और हत्या का मामला सामने आने पर उसकी जिंदगी बर्बाद हो सकती है।
इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया। आरोप है कि विशाल कदम के शव को एक बोरे में भरा गया और सुनसान स्थान पर ले जाकर खाड़ी के पास फेंक दिया गया। उनका उद्देश्य कथित तौर पर वारदात को छिपाना और पुलिस से बचना था।शव ठिकाने लगाने के बाद आरोपी सामान्य जीवन जीने का प्रयास करने लगा, लेकिन वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। उसके अनुसार, हत्या के बाद से ही उसे बार-बार अपने मृत दोस्त के सपने आने लगे।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि जब भी वह सोने की कोशिश करता, उसे सपने में विशाल कदम दिखाई देता था। इन सपनों के कारण वह डर जाता और उसकी नींद टूट जाती थी। लगातार कई दिनों तक ऐसी स्थिति रहने से वह मानसिक तनाव में आ गया।करीब 20 दिनों तक आरोपी इसी परेशानी से जूझता रहा। उसका दावा है कि मृत दोस्त के बार-बार सपने में दिखाई देने से वह इतना परेशान हो गया कि आखिरकार उसने पुलिस के सामने सच स्वीकार करने का निर्णय लिया।
इसके बाद आरोपी ठाणे क्राइम ब्रांच के कार्यालय पहुंचा। वहां उसने अधिकारियों को बताया कि उसने अपने दोस्त की हत्या की थी और शव को छिपा दिया था। आरोपी की बात सुनकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।पुलिस ने आरोपी से घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी हासिल की। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की गई। मामले की जांच विष्णुनगर पुलिस को सौंपी गई।
पुलिस ने हत्या के आरोप में प्रभु करकड़े को गिरफ्तार किया। इसके अलावा शव को ठिकाने लगाने और घटना छिपाने में कथित भूमिका के कारण मकान मालिक संदेश म्हात्रे को भी गिरफ्तार किया गया है।विष्णुनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राम चोपड़े ने दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस अब हत्या की परिस्थितियों और दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
इस मामले में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाना आवश्यक है कि विशाल कदम और प्रभु करकड़े के बीच विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था। इसके अलावा हत्या के वास्तविक तरीके और घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है।पुलिस यह भी स्पष्ट करेगी कि शव को ठिकाने लगाने में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी। आरोपियों के बयानों की पुष्टि करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।इस घटना में आरोपी के आत्मसमर्पण की वजह भी चर्चा का विषय बनी हुई है। उसने दावा किया है कि मृत दोस्त के लगातार सपने आने के कारण वह पुलिस के सामने पहुंचा। हालांकि, यह आरोपी का अपना बयान है। इसे किसी अलौकिक घटना का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
मनोविज्ञान के अनुसार, किसी गंभीर घटना के बाद अपराधबोध, भय और मानसिक तनाव के कारण व्यक्ति को बार-बार परेशान करने वाले सपने आ सकते हैं। ऐसे अनुभवों का संबंध तनाव और नींद में व्यवधान से हो सकता है। हालांकि, आरोपी की मानसिक स्थिति का चिकित्सकीय आकलन सामने नहीं आया है।डोंबिवली की इस घटना ने यह भी दिखाया है कि शराब के नशे में छोटी-सी कहासुनी किस तरह गंभीर हिंसा का रूप ले सकती है। दो दोस्तों के बीच शुरू हुआ विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया।वारदात के बाद शव को छिपाने का कथित प्रयास भी मामले को गंभीर बनाता है। पुलिस अब आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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