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फाइल फोटो
महाराष्ट्र के कई इलाकों में जारी भारी बारिश के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.
जनता से रिश्ता वेबडेस्क। महाराष्ट्र के कई इलाकों में जारी भारी बारिश के चलते जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है (Maharashtra Rain Update). प्रदशे में गढ़चिरौली से लेकर नासिक तक कई जिले बारिश से बूरी तरह प्रभावित हैं (Maharashtra Weather Update). जगह-जगह से पानी भरने की खबरें सामने आ रही हैं. भारी बारिश के चलते कई लोग नदियों-नालों के तेज बहाव में बह गए. इस बीच सोमवार देर रात पुणे में एक दो मंजिला इमारत की दीवार गिर गई (Pune building collapse). हादसे में दो लोग घायल हो गए और दो लोगों को बचाया गया. इधर आने वाले दिनों में भी बारिश से राहत नहीं मिलेगी. प्रदेश में नासिक, पुणे समेत 4 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है.
पुणे फायर ब्रिगेड के मुताबिक पुणे शहर के नाना पेठ इलाके में कल देर रात दो मंजिला इमारत की दीवार गिरने से 2 घायल हुए और 2 लोगों को बचाया गया. इधर प्रदेश के गढ़चिरौली जिले में भारी बारिश के बाद तीन लोग लापता हैं. नासिक जिले में भारी बारिश जारी है, जिससे कई नदियों का जल स्तर बढ़ गया है और गोदावरी नदी के पास स्थित कई मंदिर जलमग्न हो गए हैं. आईएमडी ने 14 जुलाई तक नासिक जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से अधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. पुणे जिले में भी पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है. एक अधिकारी के अनुसार नासिक जिले में सुरगना में सबसे अधिक वर्षा 238.8 मिलीमीटर, पेठ में 187.6 मिलीमीटर और त्रयम्बेकश्वर में 168 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गयी.
गंगापुर बांध से पानी छोड़े जाने से बढ़ा गोदावरी नदी का जलस्तर
अधिकारी ने कहा त्रयम्बकेश्वर और इगतपुरी जैसे घाट क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से अधिक वर्षा तो होती ही है लेकिन इस बार सुरगना एवं पेठ में भी अच्छी -खासी बारिश हुई है. उन्होंने बताया कि सोमवार को तीन बजे गंगापुर बांध से 10,035 क्यूसेक, डरना से 15,088 क्यूसेक, कडवा से 6,712 और नंदूर-मध्यमेश्वर से 49,480 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. अधिकारी ने बताया कि शहर में जलापूर्ति करने वाले गंगापुर बांध से पानी छोड़े जाने से गोदावरी नदी में जलस्तर बढ़ गया तथा दशक्रिया विधि समेत रामखुंड क्षेत्र में कई छोटे मंदिर पानी में डूब गये. एक अधिकारी ने कहा, नासिक के लोग नदी के मध्य में स्थित दतोन्दय मारूति (दो मुंह वाले हनुमान) की प्रतिमा के इर्द-गिर्द पानी का स्तर देखकर बाढ़ की तीव्रता का अंदाजा लगाते हैं. फिलहाल जलस्तर प्रतिमा की कमर से थोड़ा नीचे है.
कई छोटी नदियां उफान पर
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार सभी बांधों में कुल 29,9730 लाख घन फुट पानी है जो उनकी कुल भंडारण क्षमता का 46 फीसद है. अधिकारी ने बताया कि गोदावरी एवं अन्य नदियों के तटों के आसपास बसे गांवों के लोगों को स्थिति को लेकर सतर्क कर दिया गया है. वैसे फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान के नीचे है. उन्होंने कहा, डिंडोरी, त्रयम्बकेश्वर, डेलावारे, निपहद और घोटी जैसे क्षेत्रों में कई छोटी नदियां एवं नहरें भारी बारिश के बाद उफान पर हैं. इन जलाशयों के आसपास की कई सड़कें एहतियात के तौर पर बंद कर दी गयी हैं.
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