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Pune : जल संकट गहराया, कृत्रिम बारिश पर विचार, डैम स्टोरेज बढ़ाने की तैयारी

Maharashtra महाराष्ट्र: पुणे में मानसून की देरी और जलाशयों के स्तर में लगातार गिरावट के कारण पानी की गंभीर कमी की स्थिति बन गई है। पुणे महानगरपालिका (PMC) अब शहर को पानी सप्लाई करने वाले डैमों में जल भंडारण बढ़ाने के लिए कृत्रिम बारिश (आर्टिफिशियल रेन) की संभावना पर विचार कर रही है।
मेयर Manjusha Nagpure ने बताया कि मानसून में देरी के कारण शहर को पानी सप्लाई करने वाले तालाबों और डैमों में जल स्तर प्रभावित हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए पहले ही एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई का निर्णय लागू किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि लगातार बारिश की कमी चिंता का विषय बन गई है और अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो कृत्रिम बारिश के विकल्प की तकनीकी जांच की जाएगी। इसके लिए प्रशासन को क्लाउड सीडिंग की संभावना का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए हैं।
मेयर के अनुसार, यह निर्णय सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में लिया गया, जिसमें शहर में बढ़ते जल संकट पर विस्तार से चर्चा की गई और समाधान के विभिन्न विकल्पों पर विचार हुआ।
प्रशासन को यह भी कहा गया है कि वह क्लाउड सीडिंग की तकनीकी व्यवहार्यता, लागत, पर्यावरणीय प्रभाव और अन्य राज्यों के अनुभवों पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे, जहां पहले भी इस तकनीक का उपयोग किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि आगामी दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं होती है, तो जल संकट और गंभीर हो सकता है, जिससे शहर में पानी की आपूर्ति व्यवस्था पर और दबाव बढ़ जाएगा।
PMC पहले से ही पानी की आपूर्ति को नियंत्रित तरीके से जारी कर रही है, लेकिन डैमों में घटता जल स्तर आने वाले समय में बड़ी चुनौती पैदा कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कृत्रिम बारिश एक महंगा और तकनीकी रूप से जटिल विकल्प है, लेकिन आपात स्थिति में यह कुछ राहत प्रदान कर सकता है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति और जल स्तर के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।
कुल मिलाकर, पुणे में बढ़ते जल संकट ने प्रशासन को अब कृत्रिम बारिश जैसे विकल्पों पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है।





