महाराष्ट्र

PM-किसान योजना में गड़बड़ी, किसान को ₹0.01 का मैसेज, असल में ₹2000 की किस्त ट्रांसफर

Kavita2
30 Jun 2026 3:00 PM IST
PM-किसान योजना में गड़बड़ी, किसान को ₹0.01 का मैसेज, असल में ₹2000 की किस्त ट्रांसफर
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Maharashtra महाराष्ट्र: भंडारा जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना से जुड़ा एक अजीब मामला सामने आया है, जिसमें एक लाभार्थी किसान को बैंक खाते में केवल 0.01 रुपये जमा होने का मैसेज मिला। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भ्रम की स्थिति बन गई, हालांकि बाद में अधिकारियों ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताई।

जानकारी के अनुसार, भंडारा जिले के जेवनाला गांव की 65 वर्षीय लाभार्थी लक्ष्मीबाई गिरेपुंजे को मोबाइल पर एक मैसेज मिला, जिसमें बताया गया कि उनके खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केवल एक पैसा (0.01 रुपये) जमा किया गया है।

इस मैसेज को देखकर परिवार हैरान रह गया। उनके बेटे खेमराज गिरेपुंजे ने बताया कि योजना के तहत मिलने वाली सामान्य किस्त 2000 रुपये होती है, जबकि इस बार आए मैसेज में राशि बहुत कम दिखाई दी, जिससे उन्हें शक और चिंता हुई।

घटना सामने आने के बाद मामला स्थानीय कृषि विभाग तक पहुंचा। अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू की और बैंक तथा सरकारी रिकॉर्ड की जांच की गई।

भंडारा जिला कृषि अधिकारी संगीता माने ने स्पष्ट किया कि यह मामला तकनीकी गलती से जुड़ सकता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड के अनुसार लाभार्थियों के खाते में सामान्य रूप से 2000 रुपये की किस्त सफलतापूर्वक ट्रांसफर की गई थी।

अधिकारियों के अनुसार, कभी-कभी बैंकिंग और मैसेजिंग सिस्टम में तकनीकी कारणों से गलत या अधूरे मैसेज भेजे जा सकते हैं, जिससे फसलों में भ्रम की स्थिति बन जाती है।

कृषि विभाग ने यह भी दावा किया है कि इस तरह की लेनदेन की जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोकने के लिए सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

पीएम-किसान योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख योजना है, जिसके तहत पात्र किसानों को हर साल तीन किस्तों में आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उन्हें खेती-किसानी में मदद मिल सके।

इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी चर्चा तेज हो गई है, हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान की राशि प्रभावित नहीं हुई है और सभी भुगतान सामान्य रूप से जारी हैं।

कुल मिलाकर, यह मामला तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा बताया जा रहा है, जिसमें वास्तविक भुगतान सही होने के बावजूद गलत संदेश के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।

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