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स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर पुणे प्रशासन सख्त CCTV नहीं होने पर होगी कार्रवाई

पुणे: स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुणे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शहर में स्कूल बस ऑपरेटरों और स्कूल प्रबंधन को जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर निर्धारित अवधि के बाद किसी वाहन में जरूरी सुरक्षा व्यवस्था, खासकर चालू CCTV कैमरे नहीं पाए गए तो संबंधित स्कूल या बस ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला बुधवार को पुणे सिटी पुलिस कमिश्नरेट में हुई पुणे जिला स्कूल बस सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में स्कूली बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
पुणे के जॉइंट पुलिस कमिश्नर संजय दराडे ने बैठक में स्कूलों, ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल बस सुरक्षा नियमों का पालन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर भी इसकी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल लाने और ले जाने वाली हर गाड़ी में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। सभी स्कूल बसों और अन्य परिवहन वाहनों में CCTV कैमरे लगाए जाने चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कैमरे हमेशा चालू स्थिति में रहें।
दराडे ने बताया कि वाहनों के फिटनेस सर्टिफिकेट के नवीनीकरण के समय CCTV व्यवस्था की जांच की जाएगी। यदि कोई वाहन बिना चालू CCTV सिस्टम के बच्चों को ले जाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। कई बार बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही सामने आती है, इसलिए परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए CCTV सिस्टम जरूरी किया जा रहा है।
बैठक में स्कूल बसों की अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बसों की नियमित जांच, फिटनेस प्रमाणपत्र, चालक और परिचालक की जिम्मेदारी तथा आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर भी गंभीरता बरतनी होगी।
स्कूल बस ऑपरेटरों को निर्देश दिया गया है कि वे तय समय सीमा के भीतर सभी जरूरी सुधार पूरे कर लें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी तय की गई है। अधिकारियों ने कहा कि केवल बस ऑपरेटरों पर निर्भर रहने के बजाय स्कूलों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों में सभी सुरक्षा मानक मौजूद हों।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूल परिवहन व्यवस्था में तकनीकी निगरानी बढ़ाने से बच्चों की सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। CCTV कैमरे किसी भी आपात स्थिति में घटना की जानकारी जुटाने और जिम्मेदारी तय करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
पुणे जैसे बड़े शहर में रोजाना हजारों बच्चे स्कूल बसों और अन्य वाहनों से सफर करते हैं। ऐसे में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था बनाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।
अधिकारियों ने स्कूलों और बस ऑपरेटरों से अपील की है कि वे आखिरी समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द सुरक्षा उपायों को पूरा करें। तीन महीने की अवधि इसलिए दी गई है ताकि सभी संस्थान जरूरी बदलाव कर सकें।
प्रशासन का कहना है कि समय सीमा खत्म होने के बाद नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी।
पुणे जिला स्कूल बस सुरक्षा समिति की इस पहल का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था तैयार करना है। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन करने से न केवल हादसों का खतरा कम होगा, बल्कि अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
फिलहाल स्कूलों और बस ऑपरेटरों को तीन महीने के भीतर CCTV समेत सभी जरूरी सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद प्रशासन नियमों के पालन की जांच करेगा।





