- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- नांदेड़ गुरुद्वारा...
नांदेड़ गुरुद्वारा हमले में सुखबीर बादल को बचाने वाले इंस्पेक्टर संतोष केंद्र का सम्मान

नांदेड़: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुद्वारा परिसर में हुए कथित हत्या के प्रयास के दौरान उनकी जान बचाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्र को बादल परिवार की ओर से सराहना मिली है। घटना के एक दिन बाद सुखबीर बादल की पत्नी और SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल ने अस्पताल पहुंचकर पुलिस अधिकारी से मुलाकात की और उनके साहस की प्रशंसा की।
जानकारी के अनुसार, नांदेड़ पुलिस की स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट (SPU) से जुड़े इंस्पेक्टर संतोष केंद्र सुखबीर सिंह बादल की सुरक्षा टीम का हिस्सा थे। घटना के दौरान उन्होंने तेजी से कार्रवाई करते हुए हमलावर को काबू करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे बड़ी वारदात टल गई।
I salute Inspector Santosh Vaijnath Kendre of the Maharashtra Police’s Special Protection Unit for showing heroic courage in saving Sukhbir Singh Badal ji’s life during the attack in Nanded.
— Harsimrat Kaur Badal (@HarsimratBadal_) August 14, 2026
Santosh, you stood like a human shield between Sukhbir ji and the attacker, putting your… pic.twitter.com/LGSinoyJz8
बताया जा रहा है कि गुरुद्वारा परिसर में जब सुखबीर सिंह बादल पर हमला करने की कोशिश की गई, उस समय सुरक्षा टीम ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के कारण आरोपी को आगे बढ़ने से रोक दिया गया और बादल को सुरक्षित बचा लिया गया।
हमले के दौरान इंस्पेक्टर संतोष केंद्र भी घायल हो गए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। हरसिमरत कौर बादल ने अस्पताल पहुंचकर उनका हाल जाना और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
हरसिमरत कौर बादल ने पुलिस अधिकारी के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा कर्मियों की तत्परता के कारण एक गंभीर घटना को टाला जा सका। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण होता है, जो अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हुई हैं। हमलावर की पहचान और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है।
सुखबीर सिंह बादल को केंद्र सरकार की ओर से Z+ सुरक्षा प्राप्त है। ऐसे में उनकी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। घटना के दौरान सुरक्षा टीम ने जिस तेजी से कार्रवाई की, उसकी चर्चा हो रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। इंस्पेक्टर संतोष केंद्र की प्रतिक्रिया इसी प्रशिक्षण और सतर्कता का उदाहरण मानी जा रही है।
घटना के बाद बादल परिवार की ओर से पुलिसकर्मी का धन्यवाद किया गया। हरसिमरत कौर बादल ने अस्पताल में उनसे मुलाकात कर उनका मनोबल बढ़ाया और उनके योगदान को सम्मान दिया।
वहीं, नांदेड़ पुलिस भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने हमला क्यों किया और क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।
जांच एजेंसियां आरोपी के पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हमले की वास्तविक वजह सामने आ पाएगी।
इस घटना ने वीआईपी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में कुछ सेकंड का फैसला भी किसी व्यक्ति की जान बचाने में अहम साबित हो सकता है।
इंस्पेक्टर संतोष केंद्र की कार्रवाई को पुलिस विभाग में भी सराहा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए साहस और सूझबूझ का परिचय दिया।
फिलहाल अस्पताल में इलाज करा रहे इंस्पेक्टर संतोष केंद्र की हालत पर नजर रखी जा रही है। बादल परिवार और पुलिस विभाग ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।





