महाराष्ट्र

650 मंडलों के साथ शांतिपूर्ण हुआ विसर्जन

Ratna Netam
26 Sept 2026 9:38 PM IST
650 मंडलों के साथ शांतिपूर्ण हुआ विसर्जन
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पुणे। पुणे में 12 दिनों तक चले गणेशोत्सव का समापन शनिवार शाम गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस के साथ हुआ। पुलिस के अनुसार, इस बार विसर्जन जुलूस को पूरा होने में करीब 36 घंटे का समय लगा, जो पिछले साल के लगभग बराबर है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से निकले करीब 650 गणेश मंडलों ने विसर्जन जुलूस में हिस्सा लिया। जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए तिलक चौक जंक्शन तक पहुंचा।पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि शनिवार शाम 6:15 बजे आखिरी गणपति प्रतिमा का विसर्जन जुलूस तिलक चौक से निकला। इसके साथ ही शहर में 12 दिनों से चल रहे गणेशोत्सव समारोह का औपचारिक समापन हो गया। गणेशोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक शहर के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों और जुलूसों में शामिल हुए।
पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के मुताबिक, विसर्जन जुलूस के दौरान पुणे के मध्य हिस्से में भारी भीड़ मौजूद रही। इसके बावजूद जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पुलिस के अनुसार, इस दौरान कोई बड़ी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था से जुड़ी गंभीर समस्या सामने नहीं आई।विसर्जन जुलूस में करीब 650 गणेश मंडलों ने भाग लिया। अलग-अलग मंडलों की गणपति प्रतिमाएं शहर के प्रमुख मार्गों से होकर आगे बढ़ीं। जुलूस का मार्ग लक्ष्मी रोड, कुमठेकर रोड और केलकर रोड जैसे शहर के प्रमुख रास्तों से होकर तिलक चौक जंक्शन तक पहुंचा। इन प्रमुख सड़कों पर श्रद्धालुओं और नागरिकों की बड़ी भीड़ मौजूद रही।
गणेशोत्सव पुणे के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। 12 दिनों तक शहर में गणपति स्थापना, पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्सव के अंतिम चरण में गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अलग-अलग मंडलों की ओर से जुलूस निकाले गए। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने के कारण शहर के प्रमुख मार्गों पर काफी भीड़ रही।इस बार विसर्जन जुलूस को पूरा होने में लगभग 36 घंटे लगे। पुलिस के मुताबिक, यह अवधि पिछले साल के बराबर रही। लंबे समय तक चलने वाले इस जुलूस के दौरान शहर के मध्य हिस्से में लगातार लोगों की आवाजाही बनी रही। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन की व्यवस्था के बीच जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया गया।
शनिवार शाम 6:15 बजे आखिरी गणपति प्रतिमा का जुलूस तिलक चौक से निकला। पुलिस कमिश्नर ने इसी के साथ 12 दिवसीय गणेशोत्सव के समापन की जानकारी दी। अंतिम जुलूस के निकलने के बाद विसर्जन प्रक्रिया पूरी होने की ओर बढ़ी और शहर में गणेशोत्सव का मुख्य आयोजन समाप्त हो गया।विसर्जन जुलूस के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। लक्ष्मी रोड, कुमठेकर रोड और केलकर रोड जैसे व्यस्त रास्तों से गणेश मंडलों की प्रतिमाएं गुजरीं। इन मार्गों से गुजरते हुए जुलूस तिलक चौक जंक्शन की ओर बढ़ा। जुलूस में शामिल मंडलों के कारण कई इलाकों में लंबे समय तक लोगों की मौजूदगी बनी रही।
पुणे पुलिस के लिए भी विसर्जन जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना महत्वपूर्ण था। शहर के मध्य हिस्से में भारी भीड़ होने के बावजूद पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई। कानून-व्यवस्था को लेकर भी किसी बड़ी समस्या की जानकारी सामने नहीं आई।गणेशोत्सव के दौरान हर साल पुणे में बड़ी संख्या में गणेश मंडल सक्रिय रहते हैं। सार्वजनिक गणपति मंडलों की प्रतिमाएं विसर्जन के लिए विशेष जुलूस के साथ निकाली जाती हैं। अलग-अलग मंडलों के जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए विसर्जन स्थल की ओर बढ़ते हैं। इस प्रक्रिया में कई घंटे लगते हैं और शहर के प्रमुख इलाकों में बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं।
इस वर्ष भी करीब 650 गणेश मंडलों ने विसर्जन जुलूस में हिस्सा लिया। मंडलों की संख्या और श्रद्धालुओं की भारी मौजूदगी के कारण जुलूस लंबे समय तक जारी रहा। करीब 36 घंटे तक चलने के बाद शनिवार शाम अंतिम प्रतिमा का जुलूस तिलक चौक से निकला।पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि शहर के बीचों-बीच भारी भीड़ होने के बावजूद पूरा विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण रहा। उन्होंने बताया कि किसी बड़ी अप्रिय घटना या गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या की सूचना नहीं मिली। इस तरह 12 दिनों तक चले गणेशोत्सव का समापन शांतिपूर्ण माहौल में हुआ।
विसर्जन के दौरान पुणे की प्रमुख सड़कों पर लोगों की भारी मौजूदगी ने शहर में उत्सव के माहौल को बनाए रखा। गणेश मंडलों के जुलूस और श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अंतिम प्रतिमाओं के विसर्जन की प्रक्रिया पूरी हुई। पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूरे आयोजन के दौरान किसी बड़ी घटना ने माहौल को प्रभावित नहीं किया।करीब 36 घंटे तक चले विसर्जन जुलूस के बाद पुणे में इस वर्ष का गणेशोत्सव समाप्त हो गया। करीब 650 गणेश मंडलों की भागीदारी और शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरे जुलूस के बाद शनिवार शाम 6:15 बजे आखिरी प्रतिमा का जुलूस तिलक चौक से निकला। पुलिस के अनुसार, भारी भीड़ के बावजूद गणेश विसर्जन का पूरा आयोजन शांतिपूर्ण रहा और कोई बड़ी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था की समस्या सामने नहीं आई।
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