- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- दुरंतो एक्सप्रेस पर...

x
नागपुर। नागपुर से मुंबई जा रही दुरंतो एक्सप्रेस पर पत्थर फेंके जाने का मामला सामने आया है। रेलवे के अनुसार, ट्रेन नंबर 12290 नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस के बोरखेड़ी स्टेशन से गुजरने के बाद ट्रेन के तीन कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है। सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने संबंधित इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति या ठोस सबूत नहीं मिला।रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक घटना रात करीब 8:27 बजे की है। दुरंतो एक्सप्रेस बोरखेड़ी स्टेशन से गुजर चुकी थी, तभी बाहर से किसी वस्तु या पत्थर के ट्रेन की खिड़कियों से टकराने की बात सामने आई। इससे कोच A-1, B-2 और B-5 की खिड़कियों के शीशे टूट गए।
अचानक हुई इस घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों के बीच हलचल की स्थिति बनी। राहत की बात यह रही कि टूटे हुए शीशों की वजह से किसी यात्री को चोट नहीं आई। रेलवे ने भी पुष्टि की है कि घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।घटना की जानकारी रेलवे अधिकारियों तक पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सूचना दी गई। रेलवे के मुताबिक रात 8:46 बजे सूचना मिलने के बाद RPF और GRP के कर्मचारियों ने तत्काल संबंधित रेल सेक्शन में जांच शुरू की। सुरक्षा कर्मचारियों ने बोरखेड़ी और सिंधी के बीच रेलवे ट्रैक तथा आसपास के इलाकों की तलाशी ली।
रेलवे के बयान के अनुसार, बोरखेड़ी-सिंधी सेक्शन में किलोमीटर 803 से किलोमीटर 796 के बीच तलाशी अभियान चलाया गया। रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस के कर्मचारियों ने उन संभावित स्थानों को भी खंगाला, जहां से ट्रेन की ओर पत्थर या कोई अन्य वस्तु फेंकी जा सकती थी।जांच का दायरा रेलवे लाइन तक ही सीमित नहीं रखा गया। बोरखेड़ी और ब्राह्मणी गांवों के आसपास के क्षेत्रों में भी जांच की गई। सुरक्षा कर्मचारियों ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के लिए पुलिस पाटिल और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। घटना के समय किसी संदिग्ध व्यक्ति को देखने या संदिग्ध गतिविधि से जुड़ी जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया।
हालांकि शुरुआती तलाशी और पूछताछ के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। रेलवे के अनुसार, घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की जांच के बावजूद ऐसा कोई ठोस सबूत भी नहीं मिला, जिससे तत्काल यह स्पष्ट हो सके कि ट्रेन की खिड़कियों पर पत्थर किसने फेंके थे।रेलवे ने घटना के संबंध में ट्रेन में तैनात एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों से भी जानकारी ली। एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों ने पुष्टि की कि रात करीब 8:27 बजे बाहर से कोई वस्तु या पत्थर खिड़कियों से आकर टकराया था। इसके बाद अलग-अलग कोच में खिड़कियों के शीशे टूटे पाए गए।
दुरंतो एक्सप्रेस जैसी लंबी दूरी की ट्रेन में इस तरह की घटना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाके की बारीकी से जांच की। खास तौर पर यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि रेलवे ट्रैक के नजदीक घटना के समय कौन मौजूद था और क्या किसी ने ट्रेन को निशाना बनाकर जानबूझकर पत्थर फेंके थे। उपलब्ध जानकारी में फिलहाल किसी व्यक्ति की पहचान या गिरफ्तारी का उल्लेख नहीं किया गया है।
घटना में A-1, B-2 और B-5 कोच प्रभावित हुए हैं। तीनों कोच की खिड़कियों के शीशे टूटने की जानकारी रेलवे ने दी है। ट्रेन के यात्रियों को किसी तरह की शारीरिक चोट नहीं पहुंची, जिससे बड़ा हादसा टल गया।चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने जैसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। तेज गति से चल रही ट्रेन की खिड़की पर पत्थर या किसी कठोर वस्तु के टकराने से शीशा टूट सकता है और अंदर बैठे यात्री घायल हो सकते हैं। इस घटना में तीन कोच की खिड़कियों के शीशे प्रभावित होने के बावजूद किसी यात्री के घायल नहीं होने से राहत रही।
रेलवे सुरक्षा बल और GRP की टीमों ने घटना की सूचना मिलते ही बोरखेड़ी-सिंधी सेक्शन में जांच की। किलोमीटर 803 से 796 तक रेलवे क्षेत्र को खंगालने के साथ ही आसपास के गांवों में भी पूछताछ की गई। पुलिस पाटिल और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के आधार पर भी संदिग्ध की पहचान करने का प्रयास किया गया, लेकिन शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
रेलवे के मुताबिक एस्कॉर्ट स्टाफ और यात्रियों से मिली जानकारी में बाहर से खिड़कियों पर किसी वस्तु या पत्थर के टकराने की पुष्टि हुई है। फिलहाल घटना को लेकर जांच जारी रहने की स्थिति में आगे मिलने वाले तथ्यों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि इसके पीछे कौन था।नागपुर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में हुई इस घटना में सबसे बड़ी राहत यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई। तीन कोच की खिड़कियों के शीशे टूटने के बाद रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास के इलाके की तलाशी और स्थानीय लोगों से पूछताछ की, लेकिन फिलहाल किसी संदिग्ध व्यक्ति या ठोस सबूत का पता नहीं चला है।
Next Story





