महाराष्ट्र

नासिक में दुकान लगाने की शिकायतों पर माइनॉरिटी कमीशन का बयान

SHIDDHANT
8 Sept 2026 8:12 PM IST
नासिक में दुकान लगाने की शिकायतों पर माइनॉरिटी कमीशन का बयान
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Maharashtra महाराष्ट्र। महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे जिया खान ने दुकानों की स्थापना को लेकर मिल रही शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी भी व्यक्ति को धर्म या जाति के आधार पर सार्वजनिक स्थानों या सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता। प्यारे जिया खान ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(2) में स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी नागरिक के साथ धर्म, जाति, नस्ल या जन्म स्थान के आधार पर सार्वजनिक सुविधाओं और स्थानों के उपयोग को लेकर भेदभाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नियमों के अनुसार दुकान खोलने या कारोबार करने की अनुमति मांगता है, तो उसे कानून के मुताबिक अनुमति दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यापार और रोजगार के अवसरों में समानता जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को केवल उसकी पहचान के आधार पर कारोबार करने से रोकना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से भी अपील की कि सभी मामलों में कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। माइनॉरिटी कमीशन के अध्यक्ष ने कहा कि देश की प्रगति के लिए सभी समुदायों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होनी चाहिए, ताकि विकास की गति को आगे बढ़ाया जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है। ऐसे में किसी भी विवाद को कानून के दायरे में रहकर सुलझाना चाहिए। उन्होंने दोनों समुदायों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। दुकान लगाने और कारोबार करने को लेकर कुछ शिकायतें सामने आने के बाद यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्यारे जिया खान ने स्पष्ट किया कि किसी भी नागरिक के अधिकारों का संरक्षण करना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि नियमों का पालन करने वाले हर व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए। चाहे वह किसी भी धर्म या समुदाय से संबंधित हो, अगर वह कानूनी प्रक्रिया पूरी करता है तो उसे व्यवसाय करने का अधिकार है। उन्होंने आगे कहा कि समाज में विवादों को बढ़ाने के बजाय संवाद और आपसी समझ के जरिए समाधान निकालना चाहिए। दोनों समुदायों के लोगों को देश के विकास में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। फिलहाल आयोग ने इस मामले में संविधान के प्रावधानों और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया है। प्रशासन से भी उम्मीद जताई गई है कि वह सभी पक्षों को समान अवसर और सुरक्षा उपलब्ध कराएगा।
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