महाराष्ट्र

मुंबई में 13 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 5 साल के बच्चे समेत 9 लोग घायल

Kavita2
20 Oct 2026 12:59 PM IST
मुंबई में 13 मंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 5 साल के बच्चे समेत 9 लोग घायल
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मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में मंगलवार, 20 अक्टूबर की सुबह एक बहुमंजिला आवासीय इमारत में आग लगने से हड़कंप मच गया। कोहिनूर स्कूल के पास स्थित कोहिनूर एचडीआईएल बिल्डिंग नंबर 5 में आग लगने से पांच साल के बच्चे समेत नौ लोग घायल हो गए। घायलों में तीन बच्चे और एक बुजुर्ग भी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलने पर मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। इस दौरान इमारत में धुआं फैलने से आठ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि एक व्यक्ति के दाहिने पैर में चोट आई। सभी घायलों को तत्काल राजावाड़ी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। दमकल विभाग ने सुबह 7 बजकर 21 मिनट तक आग पर काबू पा लिया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।

सुबह 6:53 बजे मिली आग लगने की सूचना

मुंबई फायर ब्रिगेड के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 6 बजकर 53 मिनट पर कुर्ला पश्चिम स्थित कोहिनूर एचडीआईएल बिल्डिंग नंबर 5 में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई।

यह इमारत ग्राउंड फ्लोर सहित कुल 13 मंजिला है। आग इमारत के इलेक्ट्रिकल डक्ट में लगी थी और बिजली की वायरिंग तथा अन्य विद्युत उपकरणों तक फैल गई।

आग लगने के बाद इमारत के अलग-अलग हिस्सों में धुआं फैलने लगा। इससे वहां मौजूद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। आग बुझाने के साथ ही प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया।

पांच साल के बच्चे समेत नौ लोग घायल

अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में कुल नौ लोग घायल हुए हैं। इनमें पांच साल का एक बच्चा, दो किशोरियां और एक वरिष्ठ नागरिक शामिल हैं।

आग लगने के कारण इमारत में फैले धुएं से आठ लोगों को दम घुटने और सांस लेने में परेशानी हुई।

इसके अलावा एक व्यक्ति के दाहिने पैर में चोट लगी है।

घटना के बाद सभी घायलों को उपचार के लिए राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी नौ लोगों की हालत स्थिर है।

राहत की बात यह रही कि घटना में किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, प्रभावित लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

28 मिनट में आग पर पाया काबू

मुंबई फायर ब्रिगेड ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।

दमकल विभाग के अनुसार, सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर घटना की सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद राहत और अग्निशमन कार्य शुरू किया गया।

सुबह 7 बजकर 21 मिनट तक आग को नियंत्रित कर लिया गया। इस तरह सूचना मिलने के लगभग 28 मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया गया।

मुंबई फायर ब्रिगेड ने सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर जारी अपने अपडेट में आग बुझाए जाने की जानकारी दी।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग को इमारत के अन्य हिस्सों में फैलने से रोकने में मदद मिली।

बिजली के डक्ट और वायरिंग तक सीमित रही आग

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग इमारत में मौजूद बिजली के डक्ट और उससे जुड़े विद्युत उपकरणों तक सीमित रही।

दमकल विभाग ने बताया कि आग का प्रभाव अलग-अलग मंजिलों पर बिजली की वायरिंग, इलेक्ट्रिकल डक्ट के अंदर लगे उपकरणों और लोहे के दरवाजों तक देखा गया।

अधिकारियों के मुताबिक, आग लगने के वास्तविक कारण का अभी पता नहीं चल पाया है।

हालांकि, आग विद्युत प्रणाली से जुड़े हिस्से में लगी थी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले इसे शॉर्ट सर्किट का मामला कहना उचित नहीं होगा।

आग से हुए संपत्ति के नुकसान का आकलन भी किया जाना बाकी है।

पुलिस और एंबुलेंस टीम भी पहुंची

घटना की सूचना मिलने के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड के अलावा पुलिस, बिजली आपूर्ति कंपनी के कर्मचारी, 108 एंबुलेंस सेवा और संबंधित वार्ड के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे।

सभी विभागों ने आपसी समन्वय के साथ राहत कार्य में सहयोग किया।

दमकल कर्मचारियों ने आग बुझाने का काम संभाला, जबकि चिकित्सा टीम ने प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की।

विद्युत विभाग से जुड़े कर्मचारियों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, ताकि बिजली की व्यवस्था से जुड़े संभावित खतरों का आकलन किया जा सके।

प्रशासन की प्राथमिकता आग पर नियंत्रण पाने के साथ इमारत में मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही।

इमारत में धुआं फैलना बना बड़ी परेशानी

इस हादसे में आग की लपटों के साथ धुआं भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना।

आठ लोगों को धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ हुई। इससे स्पष्ट होता है कि बहुमंजिला इमारतों में आग लगने पर धुएं का फैलना भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आग लगने के दौरान बंद स्थानों में धुआं तेजी से जमा हो सकता है। इससे सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और दम घुटने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए धुआं विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी मार्ग और आपातकालीन तैयारियों का होना अत्यंत आवश्यक है।

बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा पर सवाल

कुर्ला की घटना ने बहुमंजिला आवासीय इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को फिर सामने ला दिया है।

मुंबई जैसे महानगर में बड़ी संख्या में लोग ऊंची आवासीय इमारतों में रहते हैं। इन इमारतों में बिजली के डक्ट, लिफ्ट, साझा गलियारे और अन्य सुविधाएं होती हैं।

विद्युत उपकरणों की नियमित जांच नहीं होने या वायरिंग में खराबी आने की स्थिति में आग लगने का खतरा बढ़ सकता है।

हालांकि, कुर्ला की इस घटना में किसी सुरक्षा मानक के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिर भी यह घटना दर्शाती है कि आवासीय परिसरों में अग्निशमन उपकरणों, फायर अलार्म और आपातकालीन निकासी व्यवस्था की नियमित जांच कितनी आवश्यक है।

आग लगने के कारणों की जांच बाकी

दमकल विभाग और संबंधित अधिकारियों के सामने अब आग लगने के वास्तविक कारण का पता लगाने की चुनौती है।

जांच के दौरान बिजली की वायरिंग, इलेक्ट्रिकल डक्ट और अन्य प्रभावित हिस्सों की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।

इसके अलावा यह भी पता लगाया जाना आवश्यक होगा कि आग किस स्थान से शुरू हुई और विद्युत प्रणाली के विभिन्न हिस्सों तक कैसे फैली।

अधिकारियों ने फिलहाल आग लगने के कारण और कुल नुकसान के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष जारी नहीं किया है।

सभी घायलों की हालत स्थिर

कुर्ला पश्चिम की इस घटना में नौ लोगों के घायल होने से स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, सभी घायलों की स्थिति स्थिर बताई जाने से राहत मिली है।

मुंबई फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से आग पर कम समय में नियंत्रण पा लिया गया। अब अधिकारियों का ध्यान आग के कारणों का पता लगाने और नुकसान का आकलन करने पर रहेगा।

यह घटना बहुमंजिला आवासीय इमारतों में नियमित विद्युत जांच, अग्नि सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन बचाव व्यवस्था की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

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