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सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करें युवा, समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की पहल करें: कलेक्टर

नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के कलेक्टर डॉ. राहुल करदिले ने युवाओं से सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं में समाज की दिशा और दशा बदलने की अपार क्षमता है। जरूरत इस बात की है कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और तकनीकी ज्ञान का उपयोग सामाजिक समस्याओं को समझने और उनके समाधान खोजने में करें। उन्होंने विद्यार्थियों से सामाजिक मुद्दों के प्रति संवेदनशील रहने और समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कलेक्टर डॉ. राहुल करदिले सोमवार, 19 अक्टूबर को नांदेड़ में आयोजित चार दिवसीय अंतर-महाविद्यालयीन युवा महोत्सव 'ज्ञानतीर्थ 2026' के समापन समारोह और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस महोत्सव का आयोजन स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय और नांदेड़ एजुकेशन सोसाइटी के साइंस कॉलेज द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
सोशल मीडिया को बनाएं सामाजिक जागरूकता का माध्यम
कलेक्टर राहुल करदिले ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसके माध्यम से जानकारी प्राप्त करने, विचार साझा करने और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ने के अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन और समय बिताने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसका इस्तेमाल सामाजिक जागरूकता बढ़ाने, जरूरतमंदों की सहायता करने और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के लिए भी किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सकारात्मक फिल्मों, साहित्य और कला के विभिन्न माध्यमों से प्रेरणा लेनी चाहिए। रचनात्मक विचारों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के साथ किया गया कार्य समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।
युवाओं में समाज को बदलने की अपार क्षमता
डॉ. करदिले ने विद्यार्थियों से अपने आसपास होने वाली घटनाओं और सामाजिक समस्याओं के प्रति सजग रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसी चुनौतियां मौजूद हैं, जिनके समाधान में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनहित के कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से कहा कि केवल समस्याओं की चर्चा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके समाधान की दिशा में भी प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को संकट के समय समाज के साथ खड़े रहने और जरूरतमंद लोगों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया।
जल संरक्षण को लेकर दिया विशेष संदेश
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में सूखे की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकताओं में शामिल है। पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से वर्षा जल संचयन, जल बचत और चारा संरक्षण जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझना जरूरी है। यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर जल संरक्षण की दिशा में काम करें, तो भविष्य में जल संकट की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने युवाओं से अपने परिवार, शिक्षण संस्थानों और आसपास के क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
कुलपति ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
समापन समारोह की अध्यक्षता स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनोहर चासकर ने की।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह दी।
कुलपति ने कहा कि जीवन में चुनौतियां और कठिन परिस्थितियां आती रहती हैं, लेकिन उनसे घबराने के बजाय साहस के साथ मुकाबला करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को गरुड़ से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी ऊंची उड़ान भरने का साहस बनाए रखना चाहिए।
डॉ. चासकर ने कहा कि सफलता के लिए स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
उन्होंने महाविद्यालयों से नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की अपील भी की, ताकि विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को आगे आने का अवसर मिल सके।
साइबर अपराधों से सावधान रहने की सलाह
कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस अधीक्षक डॉ. नीलाभ रोहन ने विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
आजकल साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी, तस्वीरों और अन्य व्यक्तिगत विवरणों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बढ़ते इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरों और बायोमेट्रिक जानकारी के दुरुपयोग का खतरा बना रहता है।
पुलिस अधीक्षक ने विद्यार्थियों से अनजान व्यक्तियों द्वारा भेजे गए संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के दौरान सावधानी बरतने की अपील की।
उन्होंने कहा कि साइबर धोखाधड़ी होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देनी चाहिए। आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 का उपयोग किया जा सकता है।
चार दिनों तक चला ज्ञानतीर्थ युवा महोत्सव
नांदेड़ में आयोजित 'ज्ञानतीर्थ 2026' युवा महोत्सव 16 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक चला।
इस दौरान विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक, साहित्यिक और कलात्मक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
महोत्सव में समूह गायन, शास्त्रीय नृत्य, रंगोली, मिट्टी से कलाकृतियां बनाने और अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूकता विकसित करना था।
समापन समारोह में प्रतिभागियों की उपलब्धियों को सराहा गया और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
विद्यार्थियों की प्रतिभा को मिला मंच
समापन समारोह की शुरुआत स्वामी रामानंद तीर्थ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके की गई।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थी विकास विभाग के निदेशक डॉ. राजपालसिंह चिखलीकर ने महोत्सव की गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर प्रति-कुलपति डॉ. अशोक महाजन, नांदेड़ एजुकेशन सोसाइटी के उपाध्यक्ष अधिवक्ता प्रफुल्ल अग्रवाल, सचिव श्यामल पटकी और साइंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. लक्ष्मण शिंदे सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
वक्ताओं ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
समाज निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
कलेक्टर डॉ. राहुल करदिले के संबोधन का मुख्य संदेश युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना था।
उन्होंने कहा कि तकनीक का सही इस्तेमाल, सामाजिक समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
चार दिवसीय युवा महोत्सव का समापन विद्यार्थियों को रचनात्मकता, सामाजिक जिम्मेदारी और डिजिटल सुरक्षा का संदेश देने के साथ हुआ।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के विकास में योगदान देने वाले जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है।





