महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई, 5 जिलों में छापेमारी कर 1.28 करोड़ का खाद्य तेल जब्त

Kavita2
11 Oct 2026 1:49 PM IST
महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई, 5 जिलों में छापेमारी कर 1.28 करोड़ का खाद्य तेल जब्त
x

पुणे। महाराष्ट्र में त्योहारों के मौसम को देखते हुए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने बड़ी कार्रवाई की है। पुणे डिवीजन के पांच जिलों में खाद्य तेल बनाने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर विभाग ने करीब 1.28 करोड़ रुपये कीमत का खाद्य तेल जब्त किया है। 9 अक्टूबर को चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान कुल 25 स्थानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान 74,612.11 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत 1,28,73,047.60 रुपये बताई गई है।

एफडीए की ओर से 10 अक्टूबर को जारी बयान के अनुसार, यह अभियान पुणे, सांगली, सोलापुर, सतारा और कोल्हापुर जिलों में चलाया गया। विभाग को खाद्य तेल की गुणवत्ता, सुरक्षा और लेबलिंग से संबंधित अनियमितताओं की आशंका थी। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंभीर कमियां सामने आईं। जब्त किए गए तेल के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा।

पांच जिलों में 25 स्थानों पर छापेमारी

महाराष्ट्र एफडीए ने 9 अक्टूबर को पुणे डिवीजन के पांच जिलों में विशेष जांच अभियान चलाया।

इस अभियान के अंतर्गत पुणे, सांगली, सोलापुर, सतारा और कोल्हापुर जिले शामिल थे।

विभाग की टीमों ने खाद्य तेल के निर्माण और बिक्री से जुड़े कुल 25 स्थानों पर छापेमारी की।

कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य तेल की गुणवत्ता, सुरक्षा और पैकेजिंग से जुड़े नियमों के पालन की जांच करना था।

त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने को देखते हुए विभाग ने निगरानी तेज की थी।

इस अभियान में विशेष रूप से उन कारोबारियों की जांच की गई, जिनके उत्पादों के घटिया, असुरक्षित या गलत लेबल वाले होने की आशंका थी।

1.28 करोड़ रुपये से अधिक का तेल जब्त

एफडीए के अनुसार, विशेष अभियान के दौरान कुल 74,612.11 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया।

जब्त तेल की कीमत 1,28,73,047.60 रुपये बताई गई है।

इतनी बड़ी मात्रा में तेल जब्त होने से यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण बन गई है।

हालांकि, किस जिले से कितनी मात्रा में तेल जब्त किया गया, इसका अलग-अलग विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसके अलावा जब्त किए गए तेल में कौन-कौन सी किस्में शामिल हैं, इसकी पूरी जानकारी भी सामने नहीं आई है।

फिलहाल विभाग ने तेल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।

प्रयोगशाला भेजे गए तेल के नमूने

एफडीए ने जब्त किए गए खाद्य तेल के नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है।

प्रयोगशाला जांच से तेल की गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

विभाग ने बताया है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इसका अर्थ है कि फिलहाल जब्त किए गए सभी तेल को प्रयोगशाला से असुरक्षित या मिलावटी घोषित किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

जांच में सामने आई अनियमितताओं और तेल की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम स्थिति रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगी।

कई प्रतिष्ठानों में मिली गंभीर खामियां

विशेष जांच अभियान के दौरान एफडीए की टीमों को खाद्य तेल के निर्माण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों में कई कमियां मिलीं।

इनमें घटिया गुणवत्ता वाले तेल की आशंका, प्रयोगशाला की अनुपलब्धता और प्रयोगशाला के काम नहीं करने जैसी समस्याएं शामिल थीं।

इसके अलावा कुछ स्थानों पर योग्य केमिस्ट की अनुपस्थिति भी सामने आई।

विभाग ने तेल की रीपैकेजिंग, लेबलिंग और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था में भी अनियमितताएं पाईं।

इन कमियों को खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना गया है।

हालांकि, किस प्रतिष्ठान में कौन-सी अनियमितता मिली, इसका पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

प्रयोगशाला और केमिस्ट की कमी

एफडीए की जांच में कुछ प्रतिष्ठानों में प्रयोगशाला का संचालन नहीं होने या प्रयोगशाला उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आई।

इसके अलावा योग्य केमिस्ट की अनुपस्थिति भी पाई गई।

खाद्य तेल के निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण में आवश्यक परीक्षण व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।

प्रयोगशाला और प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता से उत्पाद की गुणवत्ता पर निगरानी रखने में सहायता मिलती है।

हालांकि, जांच के दौरान कितने प्रतिष्ठानों में प्रयोगशाला नहीं थी और कितने स्थानों पर योग्य केमिस्ट अनुपस्थित मिले, इसका अलग-अलग आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

विभाग ने इन कमियों को जांच में सामने आए नियम उल्लंघनों में शामिल किया है।

रीपैकेजिंग में टिन के दोबारा इस्तेमाल का मामला

जांच के दौरान खाद्य तेल की रीपैकेजिंग के लिए टिन के दोबारा इस्तेमाल की बात भी सामने आई।

खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग में उपयोग होने वाली सामग्री का सुरक्षित और नियमानुसार होना आवश्यक है।

तेल की पैकिंग और दोबारा पैकिंग के दौरान स्वच्छता तथा निर्धारित मानकों का पालन महत्वपूर्ण होता है।

एफडीए ने इस अभियान में रीपैकेजिंग से संबंधित अनियमितताओं को भी दर्ज किया।

हालांकि, टिन का दोबारा इस्तेमाल कितने प्रतिष्ठानों में किया जा रहा था, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।

इसके अलावा संबंधित पैकेजिंग सामग्री की जांच के निष्कर्ष भी सामने नहीं आए हैं।

गलत लेबलिंग की भी मिली शिकायत

खाद्य तेल के पैकेट और कंटेनरों पर गलत लेबलिंग की समस्या भी एफडीए की जांच में सामने आई।

खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग पर दी जाने वाली जानकारी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होती है।

इसमें उत्पाद की पहचान और अन्य आवश्यक विवरण संबंधित नियमों के अनुसार प्रदर्शित किए जाते हैं।

गलत लेबलिंग से उपभोक्ताओं को उत्पाद के बारे में सही जानकारी मिलने में परेशानी हो सकती है।

विभाग ने इस तरह की अनियमितताओं को भी जांच का हिस्सा बनाया।

हालांकि, लेबल पर कौन-सी जानकारी गलत पाई गई और कितने उत्पादों में ऐसी समस्या थी, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

खरीद और उत्पादन का रिकॉर्ड अधूरा

एफडीए की जांच में खाद्य तेल से संबंधित खरीद और उत्पादन के रिकॉर्ड में भी कमियां सामने आईं।

कुछ प्रतिष्ठानों में आवश्यक रिकॉर्ड अधूरे पाए गए।

खाद्य कारोबार में खरीद, उत्पादन और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का सही रखरखाव महत्वपूर्ण होता है।

इन अभिलेखों से उत्पाद के स्रोत और कारोबारी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलती है।

विभाग ने रिकॉर्ड संबंधी अनियमितताओं को भी खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन से जुड़े मुद्दों में शामिल किया।

हालांकि, किन प्रतिष्ठानों में कितने रिकॉर्ड अधूरे मिले, इसका अलग विवरण सामने नहीं आया है।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के उल्लंघन का मामला

एफडीए के अनुसार, जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों से संबंधित उल्लंघन सामने आए।

यह अधिनियम भारत में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़ी नियामकीय व्यवस्था का आधार है।

खाद्य कारोबारियों के लिए लागू मानकों और आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है।

महाराष्ट्र एफडीए ने इसी व्यवस्था के अंतर्गत खाद्य तेल बनाने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों की जांच की।

विभाग ने अनियमितताओं के आधार पर तेल जब्त कर नमूने प्रयोगशाला भेजे हैं।

रिपोर्ट आने के बाद होगी कानूनी कार्रवाई

महाराष्ट्र एफडीए ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए तेल की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल 9 अक्टूबर को हुई छापेमारी में 25 स्थानों से 74,612.11 किलोग्राम तेल जब्त किए जाने की पुष्टि की गई है।

इसकी कुल कीमत 1,28,73,047.60 रुपये बताई गई है।

जांच में प्रयोगशाला, केमिस्ट, पैकेजिंग, लेबलिंग और रिकॉर्ड से जुड़ी कई कमियां सामने आई हैं।

त्योहारों के मौसम में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए गए इस अभियान के बाद अब प्रयोगशाला रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय होगी।

Next Story