महाराष्ट्र

मुंबई में CJP प्रदर्शन पर FIR दर्ज, 400 से ज्यादा लोग हिरासत में; CEC के इस्तीफे की थी मांग

Kavita2
11 Oct 2026 10:23 AM IST
मुंबई में CJP प्रदर्शन पर FIR दर्ज, 400 से ज्यादा लोग हिरासत में; CEC के इस्तीफे की थी मांग
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मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। यह FIR अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन के सिलसिले में गामदेवी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। मुंबई पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान शहर में 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।

पुलिस ने शनिवार को बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें धारा 223, धारा 126(2), धारा 189(2), धारा 189(3) और धारा 189(5) शामिल हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता पुलिसकर्मी ही हैं। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था और निर्धारित आदेशों से जुड़े पहलुओं को लेकर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।

अगस्त क्रांति मैदान में हुआ था प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP की ओर से मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में विरोध-प्रदर्शन किया गया था। इसी प्रदर्शन के संबंध में गामदेवी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान 400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पहचान, उन्हें कितनी देर तक हिरासत में रखा गया और बाद में कितने लोगों को छोड़ा गया, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

प्रदर्शन के बाद दर्ज FIR में सार्वजनिक आदेशों के उल्लंघन, गलत तरीके से रोकने और गैर-कानूनी जमावड़े से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब मामले में दर्ज शिकायत और इससे जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाएगी।

BNS की पांच धाराओं के तहत केस

मुंबई पुलिस ने शनिवार को बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223, 126(2), 189(2), 189(3) और 189(5) के तहत FIR दर्ज की गई है।

धारा 223 किसी लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा से संबंधित है। धारा 126(2) गलत तरीके से किसी व्यक्ति को रोकने से जुड़ी है। वहीं, धारा 189 की उपधाराएं गैर-कानूनी जमावड़े और उससे संबंधित परिस्थितियों से जुड़े प्रावधानों का हिस्सा हैं।

इन धाराओं को FIR में शामिल किए जाने का अर्थ है कि पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े कुछ पहलुओं को इन कानूनी प्रावधानों के दायरे में जांच के योग्य माना है। हालांकि, FIR दर्ज होना अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी साबित होने का प्रमाण नहीं है। आरोपों की पुष्टि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी।

पुलिसकर्मी ही मामले में शिकायतकर्ता

मुंबई पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शिकायतकर्ता पुलिसकर्मी ही हैं। प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं और पुलिस की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस की शिकायत में जिन परिस्थितियों का उल्लेख किया गया है, उनकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उपलब्ध जानकारी में शिकायत करने वाले पुलिसकर्मियों के नाम, प्रदर्शन के दौरान हुई किसी विशेष घटना और अलग-अलग आरोपियों की भूमिका का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

ऐसे मामलों में पुलिस की शिकायत, संबंधित साक्ष्य और घटनास्थल पर मौजूद लोगों की जानकारी जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, इस मामले में अब तक जांच से जुड़े अतिरिक्त निष्कर्षों की जानकारी सामने नहीं आई है।

400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी

पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी के बाद यह मामला चर्चा में है।

हालांकि, पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि हिरासत में लिए गए सभी लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है या केवल कुछ लोगों को नामजद अथवा आरोपी बनाया गया है। इसी तरह, हिरासत में लिए गए लोगों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई हुई, इसका विस्तृत विवरण भी उपलब्ध नहीं है।

इसलिए हिरासत की संख्या और FIR में दर्ज आरोपों को अलग-अलग पहलुओं के रूप में देखना जरूरी है। वास्तविक कानूनी स्थिति जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर था विरोध

अगस्त क्रांति मैदान में हुआ यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने गामदेवी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराएं लगाईं।

फिलहाल, इस मामले में पुलिस की ओर से FIR दर्ज किए जाने और 400 से अधिक लोगों को हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई है। जांच में प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं, संबंधित लोगों की भूमिका और लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

मुंबई पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच के निष्कर्षों के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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