महाराष्ट्र

मुंबई में कोस्ट गार्ड का बड़ा एक्शन डीजल तस्करी के शक में 7 हिरासत में

Ratna Netam
13 Oct 2026 5:26 PM IST
मुंबई में कोस्ट गार्ड का बड़ा एक्शन डीजल तस्करी के शक में 7 हिरासत में
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मुंबई। भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने मुंबई तट के पास समुद्र में डीजल की कथित अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कोस्ट गार्ड ने एक विशेष समुद्री अभियान के दौरान 'हरिद्वार कृपा' नाम की भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव को पकड़ा है। नाव पर सवार चालक दल के सात सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, नाव पर समुद्र के बीच अवैध तरीके से डीजल प्राप्त करने और उसकी तस्करी करने का संदेह है। यह अभियान सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 की तड़के चलाया गया था। कार्रवाई के दौरान नाव ने कोस्ट गार्ड की चेतावनियों को नजरअंदाज कर भागने की कोशिश की, लेकिन तटरक्षक बल ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।भारतीय तटरक्षक बल के अनुसार, मुंबई के समुद्री क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां मिली थीं। इसके आधार पर कोस्ट गार्ड के जहाजों को प्रोंग्स लाइटहाउस के आसपास विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे।इसी दौरान गश्त कर रहे तटरक्षक जहाजों को एक व्यापारिक जहाज के पास संदिग्ध मछली पकड़ने वाली नाव दिखाई दी। नाव की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कोस्ट गार्ड ने उसे रोकने और उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास किया।
चेतावनी के बाद भी नहीं रुकी संदिग्ध नाव
कोस्ट गार्ड के अधिकारियों ने वीएचएफ समुद्री संचार चैनल के माध्यम से नाव से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन नाव की ओर से कोई जवाब नहीं मिला।इसके बाद तटरक्षक बल ने बार-बार चेतावनी देकर नाव को रुकने का निर्देश दिया। इसके बावजूद नाव चालक ने निर्देशों का पालन नहीं किया और वहां से भागने की कोशिश की।नाव की गतिविधियों को देखते हुए कोस्ट गार्ड के जहाज ने तत्काल उसका पीछा शुरू कर दिया। समुद्र में तेज कार्रवाई करते हुए तटरक्षक बल ने भाग रही नाव को पकड़ लिया।इस अभियान में तटरक्षक बल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई महत्वपूर्ण रही।
समुद्र में 4 हजार लीटर डीजल लेने की बात सामने आई
नाव को रोकने के बाद कोस्ट गार्ड की विशेष जांच टीम उस पर सवार हुई। अधिकारियों ने नाव की तलाशी लेने के साथ चालक दल के सदस्यों से पूछताछ की।प्रारंभिक जांच के दौरान नाव के संचालक ने कथित तौर पर समुद्र के बीच करीब 4,000 लीटर अवैध डीजल प्राप्त करने की बात स्वीकार की।इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि कोस्ट गार्ड के पीछा करने के दौरान नाव पर मौजूद लोगों ने लगभग 500 लीटर डीजल समुद्र में बहा दिया था।तटरक्षक बल के अनुसार, चालक दल ने कथित रूप से सबूत मिटाने के उद्देश्य से ऐसा किया था। हालांकि, तस्करी से संबंधित सभी आरोपों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
छह मोबाइल फोन और दस्तावेज जब्त
भारतीय तटरक्षक बल की जांच टीम ने नाव से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और छह मोबाइल फोन जब्त किए हैं।अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच से कथित डीजल तस्करी से जुड़े संपर्कों और गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।टीम नाव की गतिविधियों और समुद्र में डीजल के कथित अवैध हस्तांतरण से संबंधित जानकारी जुटा रही है।तलाशी और शुरुआती पूछताछ के बाद नाव को चालक दल के सात सदस्यों तथा जब्त साक्ष्यों के साथ मुंबई बंदरगाह लाया गया।
नौसेना और पुलिस भी करेंगी संयुक्त जांच
मुंबई बंदरगाह पहुंचने के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई है।इस जांच में भारतीय तटरक्षक बल के साथ भारतीय नौसेना, राज्य खुफिया ब्यूरो और पुलिस को भी शामिल किया गया है।संयुक्त जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित अवैध डीजल कहां से प्राप्त किया गया था और उसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि इस गतिविधि में अन्य नावों, जहाजों या व्यक्तियों की कोई भूमिका थी या नहीं।अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समुद्री तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी
भारतीय तटरक्षक बल देश के समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार निगरानी करता है।मुंबई और पश्चिमी तट का समुद्री क्षेत्र व्यापारिक जहाजों तथा मछली पकड़ने वाली नावों की आवाजाही के कारण महत्वपूर्ण माना जाता है।ऐसे क्षेत्रों में डीजल और अन्य सामान की अवैध तस्करी रोकने के लिए विशेष गश्त और निगरानी की जाती है।कोस्ट गार्ड ने बताया कि इस कार्रवाई से पश्चिमी तट पर अवैध गतिविधियों के खिलाफ उसकी सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता सामने आई है।फिलहाल पकड़ी गई नाव और हिरासत में लिए गए सात लोगों से जुड़े मामले की जांच जारी है। जांच के बाद ही कथित तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
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