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Maharashtra : प्याज संकट गहराया, कम दाम और कर्ज के दबाव में किसान की आत्महत्या

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में प्याज का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। राज्य के कई हिस्सों में किसानों को उनकी उपज के बेहद कम दाम मिल रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। बढ़ते कर्ज, फसल खराब होने और उत्पादन लागत में वृद्धि ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसी बीच राज्यभर में किसानों के विरोध प्रदर्शन भी तेज होते जा रहे हैं।
नासिक जिले की बगलान तहसील से एक दुखद मामला सामने आया है, जहां एक किसान ने कथित तौर पर आर्थिक तंगी और प्याज की खराब कीमतों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। मृतक किसान की पहचान गुलाब निकम के रूप में हुई है।
Chandvad, Maharashtra: NCP (SP) leader and MLA Rohit Pawar says, "Farmers in Maharashtra and other states are facing a major issue regarding onion prices. Their production cost is around ₹18–₹20 per kg, while the market price is only ₹4–₹5 per kg, making it difficult for… pic.twitter.com/Z2k0NDIHah
— IANS (@ians_india) May 26, 2026
जानकारी के अनुसार, गुलाब निकम के पास लगभग तीन एकड़ जमीन थी और वह खेती के सहारे अपनी पत्नी और तीन बच्चों का पालन-पोषण करता था। इस बार बेमौसम बारिश के कारण उसकी प्याज की फसल का बड़ा हिस्सा खराब हो गया, जिससे उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा।
जो फसल बची थी, उसे भी बाजार में बेहद कम दाम मिले, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई। लगातार नुकसान और बढ़ते कर्ज के कारण वह मानसिक और आर्थिक दबाव में आ गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि किसान अपने कर्ज को चुकाने और परिवार का खर्च चलाने में असमर्थ हो गया था।
इस घटना ने एक बार फिर राज्य में कृषि संकट और प्याज किसानों की समस्याओं को उजागर कर दिया है। किसानों का कहना है कि उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि बाजार में उतार-चढ़ाव और मौसम की मार से उनकी स्थिति और खराब हो रही है।
महाराष्ट्र में प्याज उत्पादन एक प्रमुख कृषि गतिविधि मानी जाती है, लेकिन पिछले कुछ समय से कीमतों में लगातार गिरावट और फसल नुकसान के कारण किसान संकट में हैं। कई किसान संगठनों ने सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) या राहत पैकेज की मांग उठाई है।
कुल मिलाकर, नासिक की यह घटना महाराष्ट्र के प्याज संकट की गंभीरता को दर्शाती है, जहां किसानों की आर्थिक परेशानी और बाजार की अस्थिरता मिलकर एक गहरा संकट पैदा कर रही है।





