महाराष्ट्र

Maharashtra: औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर दो समूहों में झड़प

Sarita
18 March 2025 6:37 AM IST
Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार रात औरंगजेब की मजार हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन के बाद दो समूहों के बीच झड़प हो गई, जिससे शहर के महल इलाके में भारी तनाव पैदा हो गया. हिंसा के दौरान 25 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया और तोड़फोड़ की गई, जबकि कई पुलिसकर्मी और नागरिक घायल हो गए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया. जानकारी के मुताबिक, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता औरंगजेब की मजार हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे|
इस दौरान अफवाह फैली कि एक समुदाय के धार्मिक ग्रंथ का अपमान किया गया है, जिससे आक्रोश फैल गया और दोनों समूह आमने-सामने आ गए. पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई. हिंसा की निंदा करते हुए फडणवीस ने कहा कि "अगर कोई दंगा करता है, पुलिस पर पथराव करता है या समाज में तनाव पैदा करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ऐसा व्यवहार करें कि नागपुर (nagpur news today) की शांति भंग न हो." उन्होंने पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह अपील की नागपुर के सांसद नितिन गडकरी ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। ​​उन्होंने कहा कि "सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।" कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "यह गृह विभाग की विफलता है कि नागपुर में इतनी हिंसा हुई।
सत्ताधारी पार्टी महंगाई, बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए समाज में तनाव फैला रही है।" शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे: उन्होंने कहा कि "राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। नागपुर में कभी दंगे नहीं हुए, लेकिन अब सरकार की नीतियों के कारण ऐसा हो रहा है।" क्या कहा नागपुर पुलिस ने? नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने कहा कि "स्थिति अभी शांतिपूर्ण है, लेकिन शहर में धारा 144 लगा दी गई है।" उन्होंने कहा कि अब तक 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है क्या नुकसान हुआ? 25 से अधिक दोपहिया वाहन और 3 कारें जलकर राख हो गईं 500-1000 लोगों की भीड़ ने किया पथराव 15 पुलिसकर्मी घायल, कई नागरिक भी घायल पुलिस ने अब तक 20 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है नागपुर में हुई यह हिंसा शहर के सौहार्दपूर्ण इतिहास पर एक काला धब्बा है। अब प्रशासन की असली परीक्षा यह होगी कि वह दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पाता है या नहीं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।
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