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महाराष्ट्र में ड्रग्स बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, 25 आरोपी गिरफ्तार

Kavita2
25 Oct 2026 10:06 AM IST
महाराष्ट्र में ड्रग्स बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, 25 आरोपी गिरफ्तार
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मुंबई। महाराष्ट्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मीरा भायंदर-वसई विरार (MBVV) पुलिस की क्राइम डिटेक्शन ब्रांच यूनिट-4 ने मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स के निर्माण और उससे जुड़े अवैध कारोबार के एक कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस की कार्रवाई में कुल 25 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन आरोपियों को नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरल, जलगांव के साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना से पकड़ा गया है। इस मामले की शुरुआती कार्रवाई 24 अक्टूबर 2026 को नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर इलाके में हुई, जहां दो संदिग्धों के पास से 332 ग्राम मेफेड्रोन पाउडर बरामद किया गया।

इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि नशीले पदार्थों का कथित नेटवर्क महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि दूसरे राज्यों से भी जुड़ा हुआ था। पुलिस की जांच में आरोपियों की भूमिका, ड्रग्स के निर्माण और आपूर्ति से जुड़े संबंधों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

नालासोपारा से शुरू हुई पुलिस की कार्रवाई

मिली जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस की क्राइम डिटेक्शन ब्रांच यूनिट-4 ने नालासोपारा पूर्व के प्रगति नगर इलाके में कार्रवाई की।

पुलिस ने एक कार पार्किंग के पास दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा। उनकी पहचान अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर (22) और रविकांत ओमप्रकाश राम (23) के रूप में हुई।

पुलिस के अनुसार, दोनों के पास से 332 ग्राम मेफेड्रोन यानी एमडी पाउडर बरामद किया गया। इस बरामदगी के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ाया गया।

शुरुआती कार्रवाई से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में कदम बढ़ाए।

332 ग्राम एमडी पाउडर बरामद

नालासोपारा में पकड़े गए दोनों संदिग्धों के पास से पुलिस ने 332 ग्राम एमडी पाउडर जब्त करने की जानकारी दी है।

बरामद नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 32 हजार रुपये बताई गई है।

मेफेड्रोन एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है, जिसके अवैध निर्माण, बिक्री और वितरण पर कानून के तहत प्रतिबंध लागू होते हैं।

पुलिस के लिए इस तरह की बरामदगी केवल नशीले पदार्थ की जब्ती तक सीमित नहीं होती। इसके जरिए पदार्थ के स्रोत, आपूर्ति करने वाले लोगों और संभावित खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश भी की जाती है।

हालांकि इस मामले में बरामद पदार्थ की प्रयोगशाला जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

महाराष्ट्र से लेकर तीन अन्य राज्यों तक कार्रवाई

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई का दायरा कई शहरों और राज्यों तक पहुंचा है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नालासोपारा, मुंबई, कल्याण, नेरल और जलगांव के अलावा गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना से भी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

कुल 25 लोगों की गिरफ्तारी इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है।

अलग-अलग स्थानों से आरोपियों के पकड़े जाने के कारण पुलिस के सामने उनके आपसी संबंधों की जांच करना महत्वपूर्ण होगा।

यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि कथित नेटवर्क में कौन लोग निर्माण, आपूर्ति, परिवहन और बिक्री से जुड़े थे।

हालांकि गिरफ्तार सभी 25 आरोपियों के नाम, उनकी व्यक्तिगत भूमिकाओं और प्रत्येक स्थान से हुई गिरफ्तारी की संख्या का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

ड्रग्स निर्माण नेटवर्क का खुलासा

पुलिस ने इस कार्रवाई को मेफेड्रोन बनाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क के भंडाफोड़ के रूप में बताया है।

इससे यह मामला सामान्य नशीले पदार्थ की बरामदगी से आगे बढ़कर कथित अवैध निर्माण और वितरण से जुड़ा दिखाई देता है।

ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होता है कि नशीला पदार्थ कहां तैयार किया जा रहा था और उसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जा रही थी।

इसके अलावा अवैध कारोबार से जुड़े वित्तीय लेनदेन और विभिन्न आरोपियों के बीच संपर्क की जांच भी आवश्यक हो सकती है।

हालांकि पुलिस ने किन स्थानों पर कथित निर्माण इकाइयों की पहचान की है, वहां से क्या सामग्री बरामद हुई और कुल कितनी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया गया, इसकी विस्तृत पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

25 आरोपियों की गिरफ्तारी से बढ़ा जांच का दायरा

इस मामले में कुल 25 आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

शुरुआत में नालासोपारा से दो संदिग्धों को पकड़े जाने के बाद विभिन्न शहरों और राज्यों तक कार्रवाई पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

इतनी बड़ी संख्या में आरोपियों के पकड़े जाने से कथित नेटवर्क की संरचना और उसके संचालन के तरीकों को समझने में जांच एजेंसियों को मदद मिल सकती है।

पुलिस को यह भी जांचना होगा कि गिरफ्तार व्यक्तियों के बीच किस प्रकार का संपर्क था और कौन-कौन लोग कथित अवैध कारोबार में शामिल थे।

हालांकि गिरफ्तारी का अर्थ अपराध सिद्ध होना नहीं है। आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर निर्धारित होगी।

अंतरराज्यीय नेटवर्क पुलिस के लिए चुनौती

नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार जब कई राज्यों में फैला होता है, तो उसकी जांच अधिक जटिल हो सकती है।

अलग-अलग राज्यों में संदिग्धों की मौजूदगी, परिवहन के संभावित रास्तों और आपूर्ति संबंधी गतिविधियों की पड़ताल के लिए पुलिस एजेंसियों के बीच समन्वय आवश्यक होता है।

इस मामले में महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों के साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना का नाम सामने आने से जांच का दायरा व्यापक हो गया है।

ऐसी स्थिति में संबंधित राज्यों की पुलिस से जानकारी साझा करना और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए साक्ष्य जुटाना महत्वपूर्ण होता है।

हालांकि इस मामले में विभिन्न राज्यों की पुलिस एजेंसियों के बीच किस स्तर पर सहयोग हुआ, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

नशीले पदार्थों के कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिश

मेफेड्रोन जैसे सिंथेटिक नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चुनौती है।

नशीले पदार्थों की उपलब्धता से युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसी कारण अवैध निर्माण और आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जाता है।

नशीले पदार्थों के मामलों में प्रभावी जांच के लिए केवल स्थानीय स्तर पर बिक्री करने वालों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होती। अवैध आपूर्ति श्रृंखला और उसके संचालन से जुड़े लोगों की पहचान करना भी आवश्यक होता है।

अब आगे की जांच पर नजर

मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस की क्राइम डिटेक्शन ब्रांच यूनिट-4 की इस कार्रवाई में 25 आरोपियों की गिरफ्तारी और नालासोपारा से 332 ग्राम एमडी पाउडर की शुरुआती बरामदगी महत्वपूर्ण तथ्य हैं।

अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित नेटवर्क का संचालन किस प्रकार किया जा रहा था और इसमें गिरफ्तार प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।

इसके अलावा पूरे अभियान में जब्त नशीले पदार्थों की कुल मात्रा, अन्य संपत्तियों की बरामदगी और संबंधित कानूनी कार्रवाई का विस्तृत विवरण सामने आना भी बाकी है।

फिलहाल पुलिस की इस कार्रवाई ने महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में फैले कथित ड्रग्स नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आगे की जांच से इस मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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