महाराष्ट्र

वसई-विरार में गड्ढों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, सिटी इंजीनियर के इस्तीफे की मांग

Kavita2
20 Aug 2026 6:00 PM IST
वसई-विरार में गड्ढों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, सिटी इंजीनियर के इस्तीफे की मांग
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वसई-विरार। वसई-विरार शहर में सड़कों की खराब हालत और जगह-जगह बने गड्ढों को लेकर प्रशासन के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता विवेक तिवारी ने वसई-विरार सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (VVCMC) के सिटी इंजीनियर प्रदीप पचंगे के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनकी मांग को लेकर अब स्थानीय स्तर पर भी समर्थन जुटने लगा है।

विवेक तिवारी की भूख हड़ताल को सामाजिक कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने समर्थन दिया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि शहर में सड़कों की स्थिति लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई है और बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो गई है।

गड्ढों से बढ़ी परेशानी

हाल के दिनों में वसई-विरार की कई सड़कों पर गड्ढों की समस्या गंभीर रूप से सामने आई है। बारिश के कारण कई जगहों पर सड़क की सतह खराब हो गई है और पहले से मौजूद गड्ढे और गहरे हो गए हैं। इससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। कई स्थानों पर मरम्मत के कुछ समय बाद ही सड़क दोबारा खराब होने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

आंदोलनकारियों का कहना है कि सड़कें केवल यातायात की सुविधा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि शहर की बुनियादी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खराब सड़कें लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही को प्रभावित करने के साथ-साथ दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ाती हैं।

राजनीतिक दलों ने भी उठाया मुद्दा

वसई-विरार में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दल भी आवाज उठा चुके हैं। विभिन्न दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन और मार्च आयोजित किए गए हैं। इन प्रदर्शनों में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गड्ढों के कारण होने वाली कथित दुर्घटनाओं और नागरिकों की परेशानियों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

राजनीतिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर निगम को मानसून के दौरान सड़क मरम्मत और गड्ढों को भरने के लिए प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए। उनका आरोप है कि कई स्थानों पर समस्या की जानकारी होने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं होती।

सिटी इंजीनियर के इस्तीफे की मांग

विवेक तिवारी ने सड़क से जुड़े कार्यों में कथित लापरवाही के लिए नगर निगम के सिटी इंजीनियर प्रदीप पचंगे को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है। इसी मांग को लेकर उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।

आंदोलनकारी चाहते हैं कि नगर निगम सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े कामों की समीक्षा करे तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर ऐसी शिकायतें सामने न आएं।

उनका कहना है कि नागरिकों को सुरक्षित और बेहतर सड़कें उपलब्ध कराना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि सड़क निर्माण में खामियां हैं या मरम्मत कार्य टिकाऊ नहीं हैं तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

अभिजीत दिपके का मिला समर्थन

विवेक तिवारी के आंदोलन को अभिजीत दिपके का समर्थन मिलने से इस मुद्दे को और बल मिला है। समर्थकों का कहना है कि सड़क की समस्या किसी एक इलाके या समूह तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे बड़ी संख्या में नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।

समर्थकों ने प्रशासन से मांग की है कि आंदोलनकारियों की शिकायतों पर गंभीरता से विचार किया जाए और शहर की प्रमुख सड़कों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए। इसके साथ ही खतरनाक गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरने और क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थायी मरम्मत करने की मांग भी उठाई गई है।

हादसों को लेकर चिंता

सड़क पर बने गड्ढों को लेकर सबसे बड़ी चिंता यातायात सुरक्षा की है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए अचानक सामने आने वाले गड्ढे दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना और मुश्किल हो जाता है।

आंदोलनकारियों ने इसी समस्या को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति को केवल नागरिक सुविधा की समस्या के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे सड़क सुरक्षा से जोड़कर तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

अब लोगों की नजर नगर निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। आंदोलनकारियों की मांग है कि सड़क की स्थिति में सुधार के साथ-साथ कथित लापरवाही की जिम्मेदारी भी तय की जाए।

वसई-विरार जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र में सड़क नेटवर्क पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में विशेषज्ञ स्तर पर सड़क निर्माण, जल निकासी, नियमित रखरखाव और मानसून पूर्व तैयारियों को बेहतर बनाना जरूरी माना जाता है।

फिलहाल विवेक तिवारी की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी है और उन्हें अभिजीत दिपके का समर्थन मिला है। आने वाले दिनों में नगर निगम प्रशासन इस आंदोलन और सिटी इंजीनियर के इस्तीफे की मांग पर क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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