महाराष्ट्र

चाकन में 13 साल पुराने कचरा संकट का होगा समाधान

Kavita2
20 Aug 2026 5:51 PM IST
चाकन में 13 साल पुराने कचरा संकट का होगा समाधान
x

पुणे/चाकन। चाकन और आसपास के इलाकों में पिछले करीब 13 वर्षों से चली आ रही कचरा प्रबंधन की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMRDA) चाकन MIDC क्षेत्र में 36.50 एकड़ जमीन पर सेंट्रलाइज्ड सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगी। प्रस्तावित सुविधा से चाकन और राजगुरुनगर नगर परिषदों समेत आसपास के 17 ग्राम पंचायत क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

यह फैसला गुरुवार, 20 अगस्त को अकुर्दी स्थित PMRDA मुख्यालय में हुई संयुक्त समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में कचरा प्रबंधन की मौजूदा स्थिति, जमीन की उपलब्धता और प्रस्तावित संयंत्र के निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।

19 स्थानीय निकायों को मिलेगा लाभ

प्रस्तावित सेंट्रलाइज्ड प्लांट का संचालन क्षेत्र व्यापक होगा। इससे कुल 19 स्थानीय निकायों की कचरा प्रसंस्करण संबंधी जरूरतें पूरी करने की योजना है। इनमें चाकन और राजगुरुनगर नगर परिषदों के अलावा आसपास की 17 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

चाकन और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों में आबादी और आर्थिक गतिविधियों में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके साथ ही घरेलू और व्यावसायिक कचरे की मात्रा भी बढ़ी है। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रसंस्करण व्यवस्था नहीं होने के कारण कचरा प्रबंधन लंबे समय से चुनौती बना हुआ था।

नए संयंत्र से विभिन्न स्थानीय निकायों से एकत्रित कचरे को एक केंद्रीकृत व्यवस्था के तहत प्रोसेस करने की योजना है। इससे कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

चाकन MIDC में चुनी गई जमीन

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के लिए चाकन MIDC में पॉइंट नंबर 4 पर ESR के पास 36.50 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। राज्य सरकार के निर्देशों के तहत महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MIDC) परियोजना के लिए आवश्यक जमीन उपलब्ध कराएगा।

जमीन उपलब्ध होने के बाद PMRDA की ओर से सेंट्रलाइज्ड सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग सुविधा के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। परियोजना को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने पर भी बैठक में जोर दिया गया।

संयुक्त बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद

अकुर्दी स्थित PMRDA मुख्यालय में हुई समीक्षा बैठक में पुणे जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी, PMRDA मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर डॉ. अभिजीत चौधरी, खेड़-आलंदी के विधायक बाबाजी काले, MIDC के अधिकारी, नगर परिषदों के मुख्य अधिकारी, सरपंच और ग्राम विकास अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में स्थानीय निकायों की कचरा प्रबंधन संबंधी समस्याओं और भविष्य में बढ़ने वाली जरूरतों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि चाकन क्षेत्र में औद्योगिक और आवासीय विकास को देखते हुए कचरा प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था जरूरी है।

13 वर्षों से बनी हुई थी समस्या

चाकन और आसपास के इलाकों में कचरा प्रबंधन का संकट करीब 13 वर्षों से बना हुआ है। अलग-अलग स्थानीय निकायों के सामने कचरे के संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण और अंतिम निस्तारण की समस्या आती रही है।

कचरा प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने पर अनियंत्रित डंपिंग की समस्या पैदा होती है। इससे आसपास के क्षेत्रों में दुर्गंध, प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण चाकन में इस समस्या का प्रभाव और व्यापक हो जाता है।

प्रस्तावित केंद्रीकृत संयंत्र से इन समस्याओं को व्यवस्थित तरीके से हल करने की उम्मीद है। हालांकि, परियोजना के प्रभावी संचालन के लिए कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण, नियमित संग्रहण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण भी जरूरी होगा।

औद्योगिक विकास के साथ जरूरी है बेहतर कचरा प्रबंधन

चाकन महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में उद्योग और उनके आसपास विकसित आवासीय क्षेत्र मौजूद हैं। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय आबादी और कचरे की मात्रा में भी वृद्धि हुई है।

ऐसे में केंद्रीकृत कचरा प्रसंस्करण संयंत्र को क्षेत्र के भविष्य के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे स्थानीय निकायों को अलग-अलग छोटे स्तर की व्यवस्थाओं पर निर्भर रहने के बजाय एक बड़े और समन्वित सिस्टम का लाभ मिल सकता है।

परियोजना से पर्यावरणीय लाभ की उम्मीद

वैज्ञानिक तरीके से कचरे के प्रसंस्करण से खुले में कचरा फेंकने और अनियंत्रित डंपिंग को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे आसपास की जमीन, जल स्रोत और हवा पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को भी कम किया जा सकता है।

हालांकि, संयंत्र की सफलता केवल निर्माण तक सीमित नहीं होगी। इसके लिए नियमित संचालन, पर्याप्त तकनीकी व्यवस्था, कचरे का उचित पृथक्करण और स्थानीय निकायों के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक होगा।

अब आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

संयुक्त समीक्षा बैठक में जमीन और निर्माण से जुड़ी रूपरेखा तय होने के बाद अब परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। MIDC द्वारा जमीन उपलब्ध कराने और PMRDA द्वारा संयंत्र विकसित करने की जिम्मेदारी तय की गई है।

यदि परियोजना निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती है तो चाकन और आसपास के 19 स्थानीय निकायों को आने वाले समय में कचरा प्रबंधन की स्थायी सुविधा मिल सकती है। इससे 13 वर्षों से चली आ रही समस्या के समाधान की उम्मीद मजबूत हुई है।

चाकन क्षेत्र में तेजी से हो रहे औद्योगिक और शहरी विस्तार के बीच यह परियोजना स्थानीय पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि जमीन हस्तांतरण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निर्माण की अगली प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और प्रस्तावित संयंत्र कब तक वास्तविक रूप से काम करना शुरू करता है।

Next Story