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मुंबई। मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने शनिवार को प्रदर्शन के आयोजकों और करीब 400 से 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मामला शिवाजी पार्क पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति नहीं दी गई थी, इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्र हुए।
पुलिस के मुताबिक एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने, सरकारी अधिकारी के वैध आदेश का जानबूझकर पालन नहीं करने तथा अन्य संबंधित आरोपों को शामिल किया गया है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, यातायात प्रभावित होने और बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी पुलिस जांच कर रही है।
Case filed against CJP supporters over unauthorised gathering at Mumbai's Shivaji Park
— IANS (@ians_india) October 3, 2026
· A case has been registered on Saturday against supporters of the Cockroach Janta Party (CJP) for holding an unauthorised gathering, raising slogans and making announcements at the Shivaji… pic.twitter.com/UcuSVIKbz5
स्थानीय निवासी की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
शिवाजी पार्क पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, यह मामला इलाके के एक निवासी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं होने के बावजूद आयोजकों ने बड़ी संख्या में लोगों को शिवाजी पार्क में जुटाया।
स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन से यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आई थीं। इससे पहले शिवाजी पार्क के कुछ निवासियों ने प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि बड़े जमावड़े से इलाके में यातायात, शोर और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।
पुलिस ने पहले नहीं दी थी अनुमति
कॉकरोच जनता पार्टी ने 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की घोषणा की थी। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।
हालांकि, मुंबई पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस की ओर से शिवाजी पार्क में भीड़ जुटने से संभावित यातायात बाधा, शोर और आसपास के क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया गया था। पुलिस ने वैकल्पिक स्थान पर प्रदर्शन करने की सलाह भी दी थी।
इसके बावजूद 2 अक्टूबर को प्रदर्शन हुआ। इसके बाद पुलिस ने आयोजकों और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे
2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हालांकि प्रदर्शन में मौजूद लोगों की संख्या को लेकर पुलिस और आयोजकों के दावों में काफी अंतर है।
मुंबई पुलिस ने भीड़ का अनुमान करीब 4,500 से 5,000 लगाया, जबकि आयोजकों ने इससे कहीं अधिक संख्या का दावा किया। पुलिस अब प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम, भीड़ की वास्तविक स्थिति और आयोजकों की भूमिका की जांच कर रही है।
एफआईआर में 400-500 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाए जाने के बाद पुलिस के सामने अब प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया भी चुनौतीपूर्ण होगी। जांच के दौरान वीडियो फुटेज, उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की मदद ली जा सकती है।
किन आरोपों में मामला दर्ज हुआ
पुलिस अधिकारी के अनुसार एफआईआर में गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने और सरकारी अधिकारी के कानूनी आदेश का जानबूझकर उल्लंघन करने से संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं। प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, बिना अनुमति लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और सार्वजनिक मार्ग पर व्यवधान जैसे आरोपों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
फिलहाल एफआईआर दर्ज होना आरोपों की कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत है। आरोपों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और आगे की जांच के आधार पर होगी।
पहले ही सामने आया था स्थानीय विरोध
प्रदर्शन से पहले शिवाजी पार्क इलाके के कुछ स्थानीय निवासियों ने भी आयोजन को लेकर आपत्ति जताई थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़े राजनीतिक या सामाजिक कार्यक्रमों के कारण क्षेत्र में यातायात प्रभावित होता है और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है।
कुछ निवासियों ने प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल करने की मांग भी की थी। प्रदर्शन को लेकर CJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच बहस की खबरें भी सामने आई थीं।
शिवाजी पार्क के आसपास अस्पताल और रिहायशी क्षेत्र होने के कारण पुलिस ने पहले ही सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात को लेकर चिंता जताई थी।
प्रदर्शन का मुद्दा क्या था
CJP ने इस प्रदर्शन को चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों से जोड़ा था। पार्टी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। संगठन ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को भी अपने आंदोलन का मुद्दा बनाया था।
2 अक्टूबर के प्रदर्शन में पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके समेत कई समर्थक शामिल हुए। कार्यक्रम में फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े कुछ लोगों की मौजूदगी भी सामने आई।
पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मुंबई पुलिस प्रदर्शन के आयोजन, भीड़ जुटाने, अनुमति से संबंधित परिस्थितियों और कथित नियम उल्लंघनों की जांच करेगी। पुलिस यह भी देखेगी कि प्रदर्शन के दौरान किन लोगों की प्रमुख भूमिका रही और क्या किसी व्यक्ति ने पुलिस के आदेशों का उल्लंघन करने में सक्रिय भूमिका निभाई।
400-500 अज्ञात लोगों को एफआईआर में शामिल किए जाने के बाद उनकी पहचान जांच का अहम हिस्सा होगी। उपलब्ध वीडियो और अन्य रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामला शिकायत और प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम के आधार पर दर्ज किया गया है। अब जांच के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्य और साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की अनुमति पहले नहीं दिए जाने के बावजूद कार्यक्रम आयोजित किए जाने को पुलिस ने जांच के केंद्र में रखा है। वहीं प्रदर्शन से जुड़े आयोजकों की ओर से अपने आंदोलन को लेकर अलग राजनीतिक और सार्वजनिक पक्ष रखा गया है।
इस पूरे मामले में अब पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। शिवाजी पार्क पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर में आयोजकों के साथ 400-500 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है और गैरकानूनी जमावड़े तथा आदेश के उल्लंघन समेत विभिन्न आरोपों की जांच की जा रही है।





