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खाने में रंगों के इस्तेमाल पर FDA की बड़ी कार्रवाई, पंजाबी ढाबे का लाइसेंस सस्पेंड

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने कार्रवाई की है। पुणे डिवीजन की ओर से 8 अक्टूबर को की गई जांच में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से संबंधित कमियां मिलने के बाद लोहगांव स्थित पंजाबी ढाबे का एफएसएसएआई (FSSAI) रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच के दौरान खाने में रंगों के इस्तेमाल सहित खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के उल्लंघन सामने आए थे। इसके बाद विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई और फरसान बनाने वाले प्रतिष्ठानों को भी खाद्य रंगों के अनधिकृत या निर्धारित सीमा से अधिक इस्तेमाल को लेकर चेतावनी जारी की है।
एफडीए के अनुसार, पंजाबी ढाबे की जांच खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका मगर ने की थी। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य नियमों के पालन में गंभीर कमियां पाई गईं। इन्हीं आधारों पर प्रतिष्ठान का एफएसएसएआई पंजीकरण निलंबित करने का निर्णय लिया गया।
8 अक्टूबर को हुई थी ढाबे की जांच
पुणे के लोहगांव क्षेत्र में स्थित पंजाबी ढाबे की जांच 8 अक्टूबर को की गई थी।
एफडीए की खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका मगर ने प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया।
इस दौरान खाने की सुरक्षा और साफ-सफाई से संबंधित व्यवस्थाओं की जांच की गई।
निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में कमियां सामने आईं। इसके अलावा प्रतिष्ठान में अन्य गंभीर नियम उल्लंघन भी पाए जाने की जानकारी दी गई है।
इन अनियमितताओं को देखते हुए एफडीए ने ढाबे के खिलाफ कार्रवाई की।
हालांकि, निरीक्षण के दौरान किन-किन खाद्य पदार्थों की जांच की गई और कितने नमूने लिए गए, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
पंजाबी ढाबे का रजिस्ट्रेशन निलंबित
खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी कमियां पाए जाने के बाद एफडीए ने पंजाबी ढाबे का एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
यह कार्रवाई प्रतिष्ठान में पाए गए नियम उल्लंघनों के आधार पर की गई है।
एफएसएसएआई पंजीकरण खाद्य व्यवसाय संचालित करने के लिए लागू नियामकीय व्यवस्था का हिस्सा है।
खाद्य कारोबारियों को अपनी श्रेणी के अनुसार पंजीकरण या लाइसेंस संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना होता है।
पंजाबी ढाबे के मामले में विभाग ने पंजीकरण निलंबित किया है।
हालांकि, निलंबन कितनी अवधि के लिए रहेगा और पंजीकरण बहाल करने के लिए किन शर्तों का पालन करना होगा, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
खाने में रंगों के इस्तेमाल पर चेतावनी
पंजाबी ढाबे के खिलाफ कार्रवाई के साथ एफडीए ने खाद्य रंगों के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि तैयार खाद्य पदार्थों में रंगों का अनधिकृत या निर्धारित सीमा से अधिक इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
यह चेतावनी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मिठाई निर्माता और फरसान बनाने वाले प्रतिष्ठानों के लिए जारी की गई है।
खाद्य रंगों के इस्तेमाल के संबंध में खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है।
किसी रंग का खाद्य उपयोग के लिए स्वीकृत होना और किसी विशेष खाद्य पदार्थ में उसका इस्तेमाल अनुमत होना अलग-अलग नियामकीय विषय हैं।
इसलिए खाद्य कारोबारियों को संबंधित नियमों और निर्धारित सीमाओं के अनुसार ही रंगों का उपयोग करना चाहिए।
साफ-सफाई में भी मिली कमियां
एफडीए की जांच में केवल खाद्य रंगों के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे ही नहीं, बल्कि स्वच्छता संबंधी कमियां भी सामने आईं।
विभाग के अनुसार, प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई के मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया जा रहा था।
इसके अलावा अन्य गंभीर नियम उल्लंघनों का भी उल्लेख किया गया है।
इन्हीं कारणों से ढाबे का पंजीकरण निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
हालांकि, जांच में रसोईघर, खाद्य सामग्री के भंडारण या अन्य व्यवस्थाओं में किस प्रकार की विशिष्ट कमियां मिलीं, इसका अलग-अलग विवरण उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं के संबंध में अतिरिक्त दावे करना उचित नहीं होगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका मगर ने किया निरीक्षण
एफडीए के अनुसार, लोहगांव स्थित पंजाबी ढाबे की जांच खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका मगर ने की थी।
उन्होंने 8 अक्टूबर को प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया।
जांच में सामने आई कमियों और नियम उल्लंघनों के आधार पर विभाग ने पंजीकरण निलंबन की कार्रवाई की।
इस मामले में एफडीए पुणे डिवीजन की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।
हालांकि, निरीक्षण के बाद प्रतिष्ठान संचालक की ओर से क्या जवाब दिया गया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
इसके अलावा संचालक को किसी अतिरिक्त कार्रवाई के संबंध में नोटिस जारी किया गया है या नहीं, इसका भी विवरण सामने नहीं आया है।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को सतर्क किया
एफडीए ने पंजाबी ढाबे के खिलाफ कार्रवाई के बाद अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को भी चेतावनी दी है।
इसमें होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के साथ मिठाई तथा फरसान बनाने वाले कारोबारी शामिल हैं।
विभाग ने तैयार खाद्य पदार्थों में खाद्य रंगों के अनधिकृत और जरूरत से अधिक इस्तेमाल से बचने को कहा है।
खाद्य पदार्थों को आकर्षक दिखाने के लिए रंगों का इस्तेमाल कुछ श्रेणियों में नियमों के अधीन अनुमत हो सकता है, लेकिन सभी खाद्य पदार्थों में सभी रंगों का उपयोग करने की अनुमति नहीं होती।
ऐसे में संबंधित खाद्य सुरक्षा प्रावधानों का पालन करना कारोबारियों की जिम्मेदारी है।
मिठाई और फरसान निर्माताओं को भी निर्देश
एफडीए की चेतावनी में मिठाई और फरसान बनाने वाले प्रतिष्ठानों को भी शामिल किया गया है।
मिठाई और नमकीन जैसे तैयार खाद्य पदार्थों के निर्माण में सामग्री की गुणवत्ता तथा स्वच्छता का ध्यान रखना आवश्यक है।
खाद्य रंगों के उपयोग के मामले में भी निर्धारित नियम लागू होते हैं।
विभाग ने कारोबारियों को ऐसे रंगों के इस्तेमाल से बचने की चेतावनी दी है, जो संबंधित खाद्य पदार्थों के लिए अधिकृत नहीं हैं।
इसके अलावा अनुमत रंगों का भी निर्धारित सीमा से अधिक उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
हालांकि, विभाग की ओर से जारी चेतावनी में किसी विशेष मिठाई या फरसान उत्पाद का नाम दिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी
खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालन में स्वच्छता और सुरक्षित खाद्य सामग्री का उपयोग महत्वपूर्ण होता है।
एफएसएसएआई के नियम खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न मानकों को निर्धारित करते हैं।
इन नियमों का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है।
पुणे में हुई कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से संबंधित कमियां सामने आने के बाद पंजीकरण निलंबित किया गया।
यह कार्रवाई खाद्य कारोबारियों के लिए नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
हालांकि, एफडीए ने इस मामले में किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने या खाद्य विषाक्तता की घटना की जानकारी नहीं दी है।
नियम उल्लंघन पर जारी रहेगी निगरानी
लोहगांव स्थित पंजाबी ढाबे के खिलाफ एफडीए की कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर विभाग की चेतावनी सामने आई है।
8 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रियंका मगर द्वारा की गई जांच में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गई थीं।
इसके बाद ढाबे का एफएसएसएआई रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
विभाग ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और मिठाई तथा फरसान निर्माताओं को खाद्य रंगों के अनधिकृत या निर्धारित सीमा से अधिक उपयोग के खिलाफ सतर्क किया है।
फिलहाल पंजाबी ढाबे के पंजीकरण निलंबन की अवधि और आगे की कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। एफडीए की इस कार्रवाई का मुख्य संदेश खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और रंगों के इस्तेमाल से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।





