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Mumbai एयरपोर्ट पर जूतों में छिपी ड्रग्स बरामद, यात्री गिरफ्तार

मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर कस्टम विभाग ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक यात्री को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बैंकॉक से ड्रग्स की तस्करी कर मुंबई लाने का आरोप है। कस्टम अधिकारियों ने आरोपी के बैग में रखे जूतों की जांच के दौरान हाइड्रोपोनिक वीड (गांजे का एक प्रकार) बरामद किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मीरा रोड निवासी 24 वर्षीय ज़ैद यूनुस शेख के रूप में हुई है। कस्टम अधिकारियों के अनुसार, आरोपी बैंकॉक से मुंबई पहुंचा था और कथित तौर पर अपने साथ प्रतिबंधित मादक पदार्थ लेकर आया था। जांच के दौरान अधिकारियों को उसके सामान में रखे एक जोड़ी स्नीकर्स का वजन सामान्य से अधिक लगा, जिसके बाद संदेह के आधार पर जूतों की गहन जांच की गई।
कस्टम विभाग के एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) के अधिकारियों को पहले से ही इस संबंध में विशेष जानकारी मिली थी। इसी सूचना के आधार पर अधिकारियों ने बैंकॉक से आने वाले यात्रियों की निगरानी बढ़ाई थी। जैसे ही ज़ैद यूनुस शेख मुंबई एयरपोर्ट पहुंचा, अधिकारियों ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की और उसके सामान की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान आरोपी के ट्रैवल बैग में रखे निजी सामान की जांच की गई। इसी दौरान अधिकारियों की नजर स्नीकर्स की एक जोड़ी पर पड़ी। जूतों को उठाने पर उनका वजन सामान्य जूतों की तुलना में अधिक महसूस हुआ। अधिकारियों को शक हुआ कि जूतों के अंदर कुछ छिपाया गया हो सकता है।
इसके बाद जूतों की बारीकी से जांच की गई। जांच में सामने आया कि जूतों के सोल के नीचे विशेष तरीके से जगह बनाकर उसमें दो प्लास्टिक पैकेट छिपाए गए थे। इन पैकेटों को बाहर निकालकर जांच करने पर उनमें हाइड्रोपोनिक वीड पाया गया।
कस्टम अधिकारियों ने बरामद पदार्थ को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। अधिकारियों के अनुसार, बरामद मादक पदार्थ की मात्रा और बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है। मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कस्टम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एयर इंटेलिजेंस यूनिट लगातार सतर्कता बरत रही है। तस्कर अक्सर जांच से बचने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं और सामान के अलग-अलग हिस्सों में ड्रग्स छिपाने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों में यात्रियों के सामान की गहन जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जाती है।
हाइड्रोपोनिक वीड को सामान्य गांजे की तुलना में अधिक प्रभावी माना जाता है और इसकी अवैध तस्करी के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसे नियंत्रित पदार्थों की श्रेणी में रखा गया है और भारत में इसकी खरीद, बिक्री और तस्करी कानूनन अपराध है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी यह मादक पदार्थ किसके कहने पर लेकर आया था और मुंबई में इसे किसे सौंपना था। अधिकारियों को आशंका है कि इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। आरोपी के मोबाइल फोन, यात्रा रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
कस्टम विभाग यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि आरोपी इससे पहले भी इस तरह की किसी गतिविधि में शामिल रहा है या नहीं। इसके अलावा बैंकॉक से आने-जाने वाले अन्य संदिग्ध यात्रियों और संभावित तस्करी नेटवर्क पर भी नजर रखी जा रही है।
एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई को कस्टम विभाग की सतर्कता का नतीजा माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को भी विदेश यात्रा के दौरान नियमों का पालन करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध वस्तु को ले जाने से बचना चाहिए।
कस्टम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय मार्गों से होने वाली ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। खुफिया जानकारी, आधुनिक जांच तकनीक और अधिकारियों की सतर्कता के माध्यम से ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। मुंबई एयरपोर्ट पर हुई यह कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है, जिसमें एक यात्री को ड्रग्स की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।





